लखनऊ :
जाली मुद्रा से निपटने हेतु पुलिस कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण का हुआ आयोजन।।
दो टूक : लखनऊ रिजर्व पुलिस लाईन मे शुक्रवार को “जाली मुद्रा से निपटने हेतु एसओपी के विषय” पर पुलिस कर्मियो का
विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विस्तार :
उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुक्रम में, लखनऊ पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के कुशल निर्देशन में शुक्रवार दिनांक 24.04.2026 को जाली मुद्रा से निपटने हेतु एसओपी के विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन्स, लखनऊ स्थित संगोष्ठी सदन में आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) श्रीमती अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) श्री बबलू कुमार, तथा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) श्री अमित कुमावत के प्रभावी मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला का सफल संचालन सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध/ट्रेनिंग सेल) सुश्री सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिनांक 24.04.2026 को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष प्रशिक्षण शाखा के तत्वावधान में आयोजित किया गया, कमिश्नरेट लखनऊ में संचालित न्यायालयों के कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से जाली मुद्रा से निपटने हेतु एसओपी के विषय पर इस प्रशिक्षण का आयोजन कर उक्त सम्बन्ध में महत्त्वपुर्ण जानकारी दी गयी।
*प्रतिभागिता एवं प्रशिक्षण व्यवस्था:*
कार्यशाला में कमिश्नरेट लखनऊ के थानों से 61 अधिकारी/कर्मचारीगणों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। सभी कार्यक्रम के सफल एवं सुचारु संचालन हेतु आधुनिक तकनीकी उपकरणों, प्रभावी प्रस्तुतीकरण तथा बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे प्रशिक्षण का उद्देश्य पूर्ण रूप से सफल रहा।
*विशेषज्ञ प्रशिक्षक द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण:*
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों श्री राहुल सिंह असिस्टेंट मैनेजर व सुश्री कुलजीत कौर असिस्टेंट मैनेजर आरबीआई द्वारा जाली मुद्रा से निपटने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के संबंध में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षकों द्वारा वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि जाली मुद्रा से संबंधित मामलों में किस प्रकार सतर्कता, विधिक प्रक्रिया एवं तकनीकी समझ के साथ कार्य किया जाए, जिससे अपराध की प्रभावी रोकथाम एवं अनावरण सुनिश्चित हो सके।
*प्रशिक्षण के दौरान दिए गए प्रमुख विषय:*
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई—
जाली मुद्रा से निपटने हेतु पुलिस के लिए निर्धारित एसओपी
थानों पर कार्य निष्पादन हेतु मानक प्रक्रिया
पुलिस कार्यवाही में पारदर्शिता एवं जवाबदेही
अभिलेखों का उचित संधारण एवं रिपोर्टिंग प्रणाली
संवेदनशील मामलों में सावधानी एवं सतर्कता
टीम समन्वय एवं कार्य दक्षता में वृद्धि
*प्रशिक्षण का उद्देश्य:*
इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को जाली मुद्रा से संबंधित मामलों में निर्धारित एसओपी के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था, ताकि कार्यों में एकरूपता, पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
इसके माध्यम से पुलिसिंग को अधिक सुदृढ़, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।
*भविष्य की कार्ययोजना:-*
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी निरंतर किया जाता रहेगा। चरणबद्ध तरीके से सभी थाना स्तर के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कर उनकी कार्यक्षमता एवं पेशेवर दक्षता को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
निष्कर्ष:
उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इससे न केवल जाली मुद्रा से संबंधित अपराधों की रोकथाम एवं विवेचना में सुधार होगा, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता एवं जनविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
