गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

लखनऊ : सांसद प्रमोद तिवारी ने दो टूक कहा-चीन ने इस युद्ध विराम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।।Lucknow: MP Pramod Tiwari bluntly stated that China played a key role in this ceasefire.||

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लखनऊ : 
सांसद प्रमोद तिवारी ने दो टूक कहा-चीन ने इस युद्ध विराम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,।
दो टूक : राज्यसभा के विपक्षी दल के उप नेता सांसद प्रमोद तिवारी ने खाड़ी चल रहे ईरान, इजराइल और अमेरिका के बींच हुये दो सप्ताह के ‘‘सीजफायर’’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि हर अमन चैन की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को देर रात आई इस खबर से प्रसन्नता हुई होगी कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बींच भयानक और विध्वंसकारी युद्ध का सीजफायर दो सप्ताह के लिये किया गया है।
श्री तिवारी ने ईष्वर से प्रार्थना की है कि सभी को सद््बुद्धि प्रदान करे, और दो सप्ताह का जो सीजफायर किया गया है वह पूरी तरह से ‘‘पूर्ण युद्ध विराम’’ में बदल जाय, और यह विनाषकारी युद्ध सदा सर्वदा के लिये रुक जाय, तथा व्यापक पैमाने पर हो रही धन जन की हानि हमेषा के लिये समाप्त हो जाय ।
श्री तिवारी ने कहा है कि आगामी 10 अप्रैल, को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में यह तीनों देष संधि वार्ता करेंगे, चीन ने इस युद्ध विराम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, संधि वार्ता में भी उसकी अहम भूमिका रहेगी।
श्री तिवारी ने कहा है कि दुनिया को मालूम है कि पाकिस्तान आतंकवाद को पोषित, पल्लवित और संरक्षण देने वाला देश हमेशा से रहा है, तथा पाकिस्तान सच्चे अर्थो में आतंकवाद की नर्सरी है, जिसका सबसे बड़ा दंश, जहर और पीड़ा हमारे भारत देश को भुगतना पड़ता है। यदि संधि वार्ता इस्लामाबाद में हुई जैसे की खबरे है तो हम दिल्ली से मात्र संधि वार्ता होते हुये देखेंगे, और हम मात्र मूकदर्शक बने रहेंगे । पंडित जवाहर लाल नेहरू जी, स्व. इन्दिरा गांॅधी जी, स्व. राजीव गांॅधी जी, स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी और स्व. डा. मनमोहन सिंह के देष के लिये यह कितनी पीड़दायक होगी ? इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
श्री तिवारी ने कहा है कि इसकी चिन्ता हम पहले भी व्यक्त करते रहे हैं और दो दिन पहले भी आषंका जताई थी कि विष्व गुरु कहलाने वाले आदरणीय मोदी जी की विदेष नीति के लिये यह गहरा आघात होगा । संसद के अंदर और संसद के बाहर बार- बार आग्रह करने के बावजूद भी कि अमेरिका और इजराइयल के प्रति ज्यादा झुकाव हमारी विदेष नीति को क्षति पहंुॅचा रहा है किन्तु विष्वगुरु कहलाने वाले आदरणीय मोदी जी ने नजरअंदाज किया, और 39 बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उसने मोदी जी से कहकर आॅपरेषन सिंन्दूर में सीजफायर कराया है, तो हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी दृढ़ता के साथ उसका खण्डन भी नहीं कर सके ।
सच्चाई तो यह है कि गोला बारूद चलता था ईमान में, खाड़ी देषों मेें, इजराइल में, किन्तु उसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ रही थी। विषेषरूप से उन देषों को, जो कच्चे तेल, ईंधन और ऊर्जा के लिये उन पर निर्भर करते थे जिसमें से एक देष भारत भी था ।
युद्ध रुकने की खबर आते ही कच्चे तेल की कीमत 117 डाॅलर प्रति बैरल से घटकर 91 डाॅलर प्रति बैरल तक पहंॅुच गयी, और भारत के शेयर बाजार में भी आर्थिक सुधार आया है । इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब युद्ध विराम की खबर आने से यह स्थिति हुई है तो यदि हमेषा के लिये पूर्ण युद्ध विराम हो जाय तो स्थिति क्या हो जायेगी ? और दुनिया मंे कितनी अमन शांति होगी, और कितनी राहत मिलेगी ?
श्री तिवारी ने कहा है कि युद्ध शुरू होने के 48 घण्टे पहले प्रघानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की इजरायल यात्रा ने ईरान के उस ईमान को डगमगाया होगा, जो उसके अंदर भारत के लिये सदैव रहा है। विष्व गुरु तो छोंड़िये हम अपने पड़ोसी के भी युद्ध विराम में कोई भूमिका नहीं निभा सके । इसे मै विदेष नीति के लिये असफलता का प्रमाण मानता हंूूॅ ।

श्री तिवारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेष कांगे्रस कमेटी की अध्यक्ष रहीं, अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की पूर्व महासचिव, उत्तर प्रदेष सरकार में मन्त्री रहीं, और केन्द्र सरकार में रेल मन्त्री रहीं हर दिल अजीज आदरणीया मोहसनिा किदवई जी के निधन की सूचना से मुझे बहुत ही पीड़ादायक हुई है।
श्री तिवारी ने कहा है कि स्व. मोहसिना किदवई जी का संपणर््ूा जीवन सादगी में रहते हुये, लोगों की सेवा करते हुये और गरीबों, मजलूमों तथा असहायों का दुःख दर्द दूर करते हुये बीता है। वे हर दिल अजीज थी, सौम्यता, सरलता और सबके साथ सम्भाव रखना उनकी पहचान थी। उनका प्रादुर्भाव राजनीति में समय हुआ था जब महिलायें राजनीति में बहुत कम आती थी, विषेष से मुस्लिम महिलायें न के बराबर थी । किन्तु मोहसिना जी ने अपनी मेहनत और लगन से देष की राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल किया, और अपनी नयी पहचान बनायी । मुझे लम्बे समय तक उनके साथ काम करने का मौका मिला । उनके निधन से भारतीय राजनीति का एक देदीप्यमान ‘‘नक्षत्र’’ सदा के लिये अस्त हो गया है । मैं उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।