गौतमबुद्धनगर में ध्वनि प्रदूषण पर बड़ा एक्शन: मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर चलेगा विशेष अभियान, कड़ी कार्रवाई के निर्देश!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर, 20 अप्रैल 2026
दो टूक//जनपद गौतमबुद्धनगर में ध्वनि प्रदूषण पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। परिवहन विभाग ने मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है। यह कदम उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देशों और उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद उठाया गया है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में ध्वनि प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत न सिर्फ सड़कों पर सघन चेकिंग होगी, बल्कि मोटर गैराज, वर्कशॉप और ट्रांसपोर्ट यूनियनों को भी रडार पर लिया जाएगा।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग द्वारा गैराज संचालकों और वाहन मालिकों को जागरूक करने के लिए विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें उन्हें ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों के साथ-साथ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभाग की हेल्पलाइन के जरिए आम नागरिकों को भी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रवर्तन टीमों द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी गैराज या वर्कशॉप में मॉडिफाइड साइलेंसर या अवैध उपकरणों की बिक्री या फिटिंग पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माने के साथ अन्य कानूनी दंड भी शामिल होंगे।
वहीं, ऐसे वाहन स्वामियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा, जिन्होंने अपने वाहनों में अनधिकृत बदलाव कर रखे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के वाहन चलाते पाए जाने पर चालान के साथ ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, मॉडिफाइड साइलेंसर मिलने पर वाहन की आरसी (पंजीयन प्रमाण पत्र) तक निलंबित की जा सकती है।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि पूरे जनपद में प्रवर्तन दल लगातार निगरानी रखेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। साथ ही जन-जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा भी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।।
