गौतमबुद्धनगर: नोएडा जिला अस्पताल में ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाले का खुलासा: आदेशों को दरकिनार कर वर्षों से जमे डॉक्टर, सिस्टम पर गंभीर सवाल!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में ट्रांसफर और तैनाती को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। शासन द्वारा जारी स्पष्ट आदेशों के बावजूद करीब 10 डॉक्टर पिछले दो वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, 8 जून 2024 को शासन ने कई चिकित्सकों के तबादले के आदेश जारी किए थे। इन आदेशों में डॉ. अशद महमूद की मूल तैनाती गोंडा, डॉ. शिव चरण को बस्ती, डॉ. राकेश प्रताप को बांदा, डॉ. जुएट राठौर को अयोध्या, डॉ. अमित को प्रयागराज, डॉ. निकिता को इटावा, डॉ. मोहित सिंह को एटा, डॉ. रविश मलिक को बरेली और डॉ. विनोद को बहराइच भेजने के निर्देश शामिल थे।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन आदेशों के बावजूद अधिकांश चिकित्सक आज भी नोएडा के जिला अस्पताल में ही कार्यरत हैं। सूत्रों का दावा है कि 500 से 700 किलोमीटर दूर मूल तैनाती होने के बावजूद संबंधित डॉक्टरों को अब तक रिलीव नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि 6 महीने की अस्थायी तैनाती को स्थायी व्यवस्था में बदल दिया गया है, जो नियमों की खुली अवहेलना है। इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला अब चर्चा का विषय बन चुका है और आम जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शासन के आदेशों का पालन क्यों नहीं हो रहा। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर यह मामला एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या लंबे समय से जमे चिकित्सकों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।।
