रविवार, 12 अप्रैल 2026

लखनऊ : आधुनिक एवं बहुउ‌द्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में 49 बस स्टेशन होगे विकसित, कार्रवाई प्रारंभ।।Lucknow: 49 bus stations will be developed as modern and multi-purpose bus terminals; work has begun.||

शेयर करें:
लखनऊ : 
आधुनिक एवं बहुउ‌द्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में 49 बस स्टेशन  होगे विकसित, कार्रवाई प्रारंभ।।
द्वितीय चरण में विकसित होने वाले 49 बस स्टेशनों के लिए शीघ्र कार्रवाई शुरू की जाएगी।
दो टूक  : उत्तर प्रदेश परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।इस परियोजना के अंतर्गत डेवल पर चयन हेतु परिवहन निगम द्वारा निविदाएं आमंत्रित की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न प्रमुख जनपदों में स्थित 49 बस स्टेशनों का आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउ‌द्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में पुनर्विकास किया जाएगा, जिससे राज्य की परिवहन अवसंरचना को नई दिशा एवं गति प्राप्त होगी।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
परिवहन मंत्री ने बताया कि पीपीपी मॉडल पर निर्मित बस स्टेशन पर उन्नत एवं यात्री-केंद्रित सुविधाओं से युक्त आधुनिक बस टर्मिनल बनेंगे।
उक्त बस स्टेशन पर स्वच्छता, सुरक्षा एवं डिजिटल सूचना प्रणालियों की सुदृढ़ व्यवस्था होगी।सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसरों एवं सहायक सेवाओं का समावेश कर साथ स्मार्ट एवं टिकाऊ (Sustainable) अवसंरचना का विकास किया जाएगा।
परियोजना का प्रभावः
परिवहन मंत्री ने बताया कि यह परियोजना राज्य में रोजगार सृजन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा शहरी विकास को गति प्रदान करेगी। साथ ही, यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
पीपीपी मॉडल की विशेषताएं:
परियोजना DBFOT (Design, Build, Finance, Operate and Transfer) ढांचे पर आधारित होगी।राज्य सरकार/निगम पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं होगा।निजी निवेश के माध्यम से आधुनिक अवसंरचना का विकास किया जाएगा।भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा, जबकि विकास एवं संचालन अधिकार कंसेशनायर को प्रदान किए जाएंगे।
फेज-2 की विशिष्टताएं:
केंद्र सरकार के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुरूप परिष्कृत बिड डॉक्यूमेंट।निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण।तकनीकी एवं वित्तीय पात्रता मानकों का संतुलित निर्धारण
परिवहन मंत्री ने बताया कि शीघ्र ही निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी तथा योग्य डेवलपर्स का चयन पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में आधुनिक एवं सुदृढ़ परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी।