रविवार, 1 मार्च 2026

लखनऊ : SDRF 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामय हुआ सम्पन्न ।।||Lucknow: The closing ceremony of the 8th batch of SDRF was held with great pomp.||

शेयर करें:
लखनऊ : 
SDRF 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामय हुआ सम्पन्न ।। 
दो टूक : राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में प्रचलित द्वितीय चरण – आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ मुख्य अथिति अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने कहा आपदा मित्र केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक सशक्त पहल है।
विस्तार
शनिवार को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी का 8 वें बैच का 
आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के
मुख्य अतिथि के रूप में अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप सेनानायक राज्य आपदा मोचन बल हरेन्द्र प्रताप यादव द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत के साथ किया गया। समारोह में प्रशिक्षण शाखा प्रभारी  शोभनाथ यादव एवं सैन्य सहायक  मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्लाटून कमांडर रिषब तिवारी द्वारा प्रचलित प्रशिक्षण सत्र की विस्तृत जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक महोदय को प्रस्तुत की गई। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा, उद्देश्य एवं व्यवहारिक अभ्यासों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
प्रशिक्षकों द्वारा अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि आपदा मित्रों को महत्वपूर्ण विषयों (MFR (Medical First Responder), प्राथमिक उपचार (First Aid), CBRN (Chemical, Biological, Radiological and Nuclear) आपदाओं में प्रतिक्रिया, आग, सर्पदंश, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित उठाने एवं स्थानांतरित करने की विधि (Lifting & Moving Patient), भूकंप के दौरान सावधानियां, आकाशीय बिजली (Lightning) से बचाव, बाढ़ आपदा में सुरक्षा एवं बचाव उपाय, आदि) पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया—
प्रशिक्षुओं द्वारा भी प्रशिक्षण अवधि के दौरान अर्जित अपने अनुभव साझा किए गए तथा बताया गया कि इस प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय क्षमता एवं सेवा भावना का विकास हुआ है।
मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने अपने संबोधन में सभी प्रशिक्षुओं को आपदाओं के समय फर्स्ट रेस्पोंडर के रूप में समाज की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने हेतु प्रेरित किया तथा प्रदान की गई इमरजेंसी रेस्पोंस किट में उपलब्ध लाइफ जैकेट व अन्य उपकरणों का आपदा में प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि “आपदा मित्र केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक सशक्त पहल है।” उन्होंने प्रशिक्षुओं को मदद की भावना को अपने आचरण में उतारने तथा सामान्य नागरिकों को आपदा के समय उचित प्रतिक्रिया देने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि आपदा की स्थिति में घबराने के स्थान पर सजगता, धैर्य एवं सही तकनीकी ज्ञान के साथ कार्य करना ही जीवन रक्षा का मूल मंत्र है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।