मऊ :
मुख्य विकास अधिकारी ने गॉव मे जन चौपाल लगाकर लोगों की सुनी समस्याएं।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव द्वारा विकास खण्ड रानीपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में विकास खंड की योजनाओं के अभिलेख अपूर्ण होने व सेवा पुस्तिका/जीपीएफ पासबुक अपूर्ण रखे जाने व निर्माण पत्रावली लापरवाहीपूर्ण बनाने पाया गया इसके अलावा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास पूर्ण न होने तथा सुनवाई के प्रकरणों का निस्तारण पर फीडबैक न लेकर समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही पाए जाने के लिए खंड विकास अधिकारी, लेखाकार व बाबू रानीपुर को कड़ी फटकार लगाते हुए अभिलेखों को पूर्ण करने के साथ साथ योजनाओं के कार्यो को पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत गोकुलपुरा विकास खण्ड रानीपुर में आयोजित जन चौपाल में प्रतिभाग कर आम जनता को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जन चौपाल के दौरान लोगों की शिकायतों के सुना गया। ग्रामवासियों द्वारा ग्राम गोकुलपुरा के लोगो द्वारा उपभोक्ता की बढ़ कर आ रही बिजली की बिल की समस्या के बारे में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अधिशासी अभियंता विद्युत को इस गांव में सभी लोगो की प्राप्त बिजली बिल को तत्काल परीक्षण कराकर ठीक कराने के निर्देश दिए। साथ ही लोगो की शिकायत के निस्तारण हेतु खंड विकास अधिकारी रानीपुर को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके उपरांत ग्राम में महात्मा गांधी नरेगा एवं राज्य वित्त योजनांतर्गत कराये गए निर्माण कार्य का निरीक्षण कर पाई गई कमियों को ठीक कराने के भी निर्देश खण्ड विकास अधिकारी रानीपुर को दिए। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास खण्ड रानीपुर के ग्राम पंचायत काझा मे निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक का निरीक्षण किया गया। जिसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान की प्रयोगशाला, 4 कक्षा कक्ष, स्टाफ रूम, एनसीसी रूम, स्पोर्ट्स रूम एवं शौचालय एवं बालिका छात्रावास है। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी प्रगति व मजदूर मिस्त्री कम लगे होने तथा निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण न कर पाने व गुणवत्ता पूर्ण ढंग से कार्य न कराने में बरती जा रही लापरवाही के लिए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा असंतोष व्यक्त करते हुए कार्यदायी विभाग आरईडी के ए.ई. व जे.ई. के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए गए।
