मऊ :
धूमधाम से मनाया गया कपड़ा फाड़ होली।
भोजपुरी गानों की धुन पर झूमीं टोलियां, जमकर उड़ा रंग-गुलाल।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ में बुधवार को रंगों का पर्व होली लोक प्रचलित परंपराओं के अनुसार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान अबीर-गुलाल और जोगीरा के राग के साथ अलमस्तों की टोलियां सड़कों पर झूमती-गाती रहीं।
सड़कों पर लाल, नीले, पीले, हरे और गुलाबी रंगों की छटा बिखर गई। पर्व के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
सोमवार को होलिका दहन के बाद से ही मऊ ,कोपागंज , घोसी, मधुबन, मोहम्मदाबाद, दोहरीघाट, हलधरपुर, अदरी, अमिला , कुर्थीजाफरपुर मे उत्सव का माहौल बन गया था। फाग के राग और ढोलों की थाप तेज हो गई थी। सुबह से ही नगरवासियों पर होली का खुमार छाया रहा।
मोहल्लों में युवकों ने टोलियां बनाकर चौराहों और प्रमुख मार्गों पर एक-दूसरे के साथ जमकर रंग खेला। उन्होंने सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन सवारों को भी 'बुरा न मानो होली है' कहकर रंग लगाया।
नगर के चौराहों और गली-नुक्कड़ों पर लाउडस्पीकरों पर 'बलम पिचकारी' और 'होली खेले रघुवीरा' जैसे फिल्मी गीत बजते रहे। युवा और बच्चे इन गीतों पर जमकर थिरकते नजर आए।
सुबह से ही बच्चे पिचकारियां लेकर छतों पर डटे रहे और घर के बाहर से गुजरने वाले लोगों पर रंग की बौछार करते रहे। घरों में महिलाओं ने भी उत्साह से रंग खेला।
दोपहर दो बजे तक सड़कों पर रंग खेलने का सिलसिला थम गया। इसके बाद लोग स्नान कर नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे के घर होली की बधाई देने पहुंचे।
इस दौरान गले मिलकर पर्व की शुभकामनाएं दी गईं और गुझिया, पापड़, चिप्स व ठंडई जैसे पकवानों का आनंद लिया गया। लोगों ने घर-घर जाकर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और विभिन्न प्रकार के पकवानों का लुत्फ उठाया
