गौतमबुद्धनगर में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा, निजी घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश!!
लंबित लोन मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर, 1 से 3 किलोवाट तक सोलर संयंत्र पर मिल रहा आकर्षक अनुदान
गौतमबुद्धनगर, 06 मार्च 2026।
दो टूक// जिले में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने की। इस दौरान योजना की प्रगति, लंबित मामलों के निस्तारण तथा अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों में लंबित लोन डिस्बर्समेंट प्रकरणों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक, यूपीनेडा के पंजीकृत वेंडर्स, नोडल अधिकारी पीएम सूर्यघर, यूपीपीसीएल/एनपीसीएल तथा आरडब्ल्यूए और एओए प्रतिनिधियों से कहा कि जिले में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक पंजीकरण कराए जाएं और निजी आवासों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और पात्र लाभार्थियों को जागरूक कर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कराने में सहायता की जाए। उनका कहना था कि इससे जिले में सोलर रूफटॉप की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा और उपभोक्ताओं को सस्ती व पर्यावरण अनुकूल बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
बैठक में प्रभारी परियोजना अधिकारी लवेश कुमार सिसौदिया ने उपस्थित आरडब्ल्यूए व एओए प्रतिनिधियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सोलर रूफटॉप लगाने पर आकर्षक अनुदान दिया जा रहा है। योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर लगभग 45 हजार रुपये का अनुदान (केंद्र 30 हजार और राज्य 15 हजार) दिया जा रहा है, जबकि 2 किलोवाट पर लगभग 90 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। वहीं 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की अनुमानित लागत करीब 60 हजार रुपये प्रति किलोवाट है और अनुदान के बाद उपभोक्ता को काफी कम राशि खर्च करनी पड़ती है। सोलर पैनलों की कार्यक्षमता लगभग 25 वर्ष तक रहती है और इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल में लगभग दो-तिहाई तक बचत हो सकती है। संयंत्र लगाने के बाद इसकी लागत की भरपाई लगभग 3 से 4 वर्ष में हो जाती है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इच्छुक उपभोक्ता यूपीनेडा में पंजीकृत वेंडर्स के माध्यम से ही सोलर रूफटॉप प्लांट लगवाएं। संयंत्र के कमीशन होने के बाद अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता बैंक से लगभग 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी प्राप्त कर सकते हैं।
योजना में आवेदन करने के लिए इच्छुक उपभोक्ता https://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यूपीनेडा कार्यालय विकास भवन में संपर्क किया जा सकता है या 8958609182 पर फोन कर सोलर रूफटॉप योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
बैठक में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आशीष कुमार, जिला लीड बैंक प्रबंधक राजेश कटारिया, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, यूपीनेडा के पंजीकृत वेंडर्स तथा आरडब्ल्यूए और एओए के प्रतिनिधि मौजूद रहे।।
