रविवार, 15 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण: गौतमबुद्धनगर में 9,26,280 मामलों का हुआ समाधान, 852 करोड़ से अधिक की समझौता राशि!!

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गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण: गौतमबुद्धनगर में 9,26,280 मामलों का हुआ समाधान, 852 करोड़ से अधिक की समझौता राशि!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा/गौतमबुद्धनगर, 14 मार्च 2026।
दो टूक// जनपद गौतमबुद्धनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था में त्वरित और सुलभ न्याय की मिसाल पेश की। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 9,26,280 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि समझौता धनराशि 8,52,99,99,900 रुपये से अधिक रही। यह जानकारी जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने दी।

राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ जनपद न्यायालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अजित कुमार, जिला जज अतुल श्रीवास्तव सहित जनपद के सभी न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत आम जनता को सुलभ, त्वरित और कम खर्च में न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी त्यागी ने लोक अदालत में निस्तारित मामलों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायालय के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी लोक अदालत का आयोजन किया गया।

न्यायालयों में 2,27,807 मामलों का निस्तारण

जनपद न्यायालय में कार्यरत विभिन्न न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 2,27,807 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, वाणिज्य न्यायालय, पोक्सो न्यायालय, सिविल जज न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय तथा अन्य अदालतों में लंबित मामलों का आपसी सहमति के आधार पर समाधान कराया गया।

प्री-लिटिगेशन में 6,98,473 मामलों का समाधान

लोक अदालत के दौरान प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ। विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार—

  • राजस्व न्यायालय: 1,02,745 मामले
  • यातायात विभाग: 4,61,213 मामले
  • पुलिस विभाग: 18,478 मामले
  • चिकित्सा विभाग: 72,733 मामले
  • बैंक: 280 मामले (3.46 करोड़ रुपये वसूली)
  • एनपीसीएल: 107 मामले (82 लाख रुपये समझौता)
  • यूपीपीसीएल: 5,678 मामले
  • श्रम न्यायालय: 1,013 मामले (7.06 करोड़ रुपये)
  • बीएसएनएल: 21 मामले

इस प्रकार प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 6,98,473 मामलों का निस्तारण किया गया।

औद्योगिक प्राधिकरणों के मामले भी निपटे

राष्ट्रीय लोक अदालत में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के 5,500 तथा यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के 305 मामलों का भी निस्तारण किया गया।

न्यायपालिका और प्रशासन की संयुक्त पहल

जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और तहसीलदारों सहित विभिन्न विभागों के सहयोग से राजस्व संबंधी 1,02,745 मामलों का समाधान कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित विवादों का आपसी सहमति से समाधान होने से लोगों को राहत मिलती है और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।

अधिकारियों ने जनपदवासियों से अपील की कि भविष्य में आयोजित होने वाली लोक अदालतों में अधिक से अधिक लोग भाग लेकर अपने विवादों का आपसी सहमति से समाधान कराएं, जिससे समय, धन और ऊर्जा की बचत हो सके।।