शुक्रवार, 13 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में सफाई कर्मियों के आंदोलन पर प्रशासन सख्त, यूनियन के 6 नेताओं पर मुकदमा दर्ज!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में सफाई कर्मियों के आंदोलन पर प्रशासन सख्त, यूनियन के 6 नेताओं पर मुकदमा दर्ज!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

हड़ताल के लिए उकसाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप, दलित प्रेरणा स्थल पर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन; मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

दो टूक// नोएडा:
नोएडा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। नोएडा प्राधिकरण ने सफाई कर्मचारियों को कथित रूप से हड़ताल के लिए उकसाने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में सफाई कर्मचारी यूनियन से जुड़े छह नेताओं के खिलाफ थाना फेस-1 में मुकदमा दर्ज कराया है। इस कार्रवाई के बाद गुरुवार सुबह सफाई कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली और बड़ी संख्या में कर्मियों ने दलित प्रेरणा स्थल के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई को गलत बताया। स्थिति को देखते हुए किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास भी किया।

अवर अभियंता की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
नोएडा प्राधिकरण में तैनात अवर अभियंता हरेंद्र सिंह मलिक की ओर से थाना फेस-1 में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि यूनियन से जुड़े नेता—सतबीर मकवाना, साधु मकवाना, बबलू पारचा, रवि पारचा, राधे पारचा और सुनील टोंक—अपनी मांगों को लेकर लगातार प्राधिकरण कार्यालय पहुंचते रहे हैं। आरोप है कि ये नेता बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों को साथ लाकर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार काम बंद कराने, धरना-प्रदर्शन और हड़ताल की चेतावनी दी गई। इसके अलावा कर्मचारियों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर व्हाट्सएप के माध्यम से भड़काऊ वॉइस नोट भी प्रसारित किए गए, जिसके बाद कई सफाई कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए।

11 मार्च की घटना बनी कार्रवाई की वजह
प्राधिकरण की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार 11 मार्च को सेक्टर-8, सेक्टर-10, सेक्टर-11, सेक्टर-12, सेक्टर-63 और आसपास के क्षेत्रों में तैनात सफाई कर्मचारियों को काम करने से रोका गया। आरोप है कि यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों को उकसाकर हड़ताल के लिए प्रेरित किया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से शहर में गंदगी फैलने का खतरा बढ़ जाता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। साथ ही इससे नोएडा प्राधिकरण की छवि पर भी असर पड़ता है।

फिलहाल अवर अभियंता की तहरीर के आधार पर थाना फेस-1 पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद नोएडा में प्रशासन और सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।