गौतमबुद्धनगर “मिशन शक्ति 5.0 के तहत अमिटी यूनिवर्सिटी में जागरूकता अभियान: महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष प्रशिक्षण” !!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर | 19 मार्च 2026
दो टूक//पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए ‘मिशन शक्ति 5.0’ (द्वितीय चरण) के अंतर्गत लगातार प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वासंतिक नवरात्रि के पावन अवसर पर अमिटी यूनिवर्सिटी में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डीसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती अनुकृति शर्मा एवं डीसीपी साइबर श्रीमती शैव्या गोयल ने संयुक्त रूप से प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्टाफ को POSH Act, 2013 (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम) के प्रावधानों से अवगत कराया। अधिकारियों ने कार्यस्थल पर होने वाले लैंगिक उत्पीड़न, भेदभाव एवं अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय भी बताए।
इस दौरान संवादात्मक सत्र आयोजित कर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया, जिससे उनमें कानून के प्रति जागरूकता के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के मामलों में कानून बेहद सख्त है और प्रत्येक संस्थान में सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
कार्यक्रम में ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत चलाए जा रहे अभियानों की भी जानकारी दी गई। मिशन शक्ति टीम द्वारा पंपलेट वितरित कर महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण एवं कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया गया। इसमें डायल-112, महिला हेल्पलाइन-1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, साइबर हेल्पलाइन-1930, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 एवं वन स्टॉप सेंटर-181 जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी साझा की गई।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि महिलाओं के विरुद्ध यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि महिलाएं सुरक्षित वातावरण में आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें।
इसके अलावा कार्यक्रम में POSH Act के अंतर्गत गठित आंतरिक समिति (Internal Committee) और स्थानीय समिति (Local Committee) की भूमिका, शिकायत प्रक्रिया, सुलह के प्रावधान, गोपनीयता बनाए रखने की आवश्यकता तथा झूठी शिकायतों से संबंधित कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही, अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों और वर्तमान परिप्रेक्ष्य पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी समस्या की स्थिति में बिना झिझक पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया और यह संदेश दिया गया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है।।
