सोमवार, 23 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में भूजल संकट की आहट: सेक्टर-153 में दिन-रात हो रहा पानी का दोहन, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में भूजल संकट की आहट: सेक्टर-153 में दिन-रात हो रहा पानी का दोहन, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

ग्रेटर नोएडा/नोएडा, 23 मार्च 2026

दो टूक//नोएडा में तेजी से गिरते भूजल स्तर के बीच एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सेक्टर-153 स्थित Logix Infratech के प्रोजेक्ट साइट पर कथित तौर पर बड़े-बड़े पाइपों के जरिए लगातार भूजल निकासी की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह प्रक्रिया दिन-रात बिना किसी रोक-टोक के जारी है, जिससे क्षेत्र में जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है।

ग्रामीणों और आसपास के आवासीय क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि पहले जहां कम गहराई पर पानी उपलब्ध हो जाता था, अब वहां बोरिंग और हैंडपंप सूखने की कगार पर हैं। लोगों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा बड़े पैमाने पर भूजल का दोहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और नोएडा प्राधिकरण आंख मूंदे बैठे हैं।

पानी माफिया और मिलीभगत के आरोप स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले में बिल्डर, अधिकारियों और कथित ‘पानी माफिया’ की मिलीभगत की आशंका जताई है। उनका कहना है कि निकाला जा रहा पानी टैंकरों के जरिए बेचा भी जा सकता है, जिससे यह मामला केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि अवैध कमाई का जरिया भी बन सकता है।

एनजीटी और प्राधिकरण पर सवाल इस पूरे प्रकरण में National Green Tribunal (एनजीटी) और नोएडा प्राधिकरण की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नियमों के अनुसार, बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में भूजल दोहन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होता है और सीमित मात्रा में ही पानी निकासी की जा सकती है। इसके बावजूद अगर खुलेआम इस तरह का दोहन हो रहा है, तो यह निगरानी तंत्र की विफलता को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों में रोष, आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह केवल एक सेक्टर का मामला नहीं, बल्कि पूरे नोएडा के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट है।

भविष्य में गहरा सकता है जल संकट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह अनियंत्रित तरीके से भूजल निकासी होती रही, तो आने वाले वर्षों में नोएडा को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। पहले से ही कई क्षेत्रों में जल स्तर खतरनाक स्तर तक गिर चुका है।

सवाल जो जवाब मांगते हैं:

  • क्या नोएडा प्राधिकरण इस मामले में कार्रवाई करेगा?
  • क्या बिना अनुमति के हो रहे भूजल दोहन पर रोक लगेगी?
  • क्या एनजीटी इस पर स्वतः संज्ञान लेगा?
  • या फिर बिल्डरों के दबाव में यूं ही खत्म होता रहेगा भूजल?

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।।