गौतमबुद्धनगर: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख की ठगी: बिसरख पुलिस ने फर्जीवाड़ा गैंग का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर। थाना बिसरख पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में कूटरचित ज्वाइनिंग लेटर, फर्जी सरकारी दस्तावेज, रबर मोहरें, कंप्यूटर-प्रिंटर सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
8 लाख रुपये लेकर थमाया फर्जी ज्वाइनिंग लेटर
पुलिस के अनुसार अभियुक्त अश्वनी और पवन चौधरी ने वादी से रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 8 लाख रुपये हड़प लिए और उसे एक फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। पीड़ित की तहरीर पर थाना बिसरख में मु0अ0सं0 103/2026 धारा 318(4)/352/351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
ऐसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश
दिनांक 11 फरवरी 2026 को थाना बिसरख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए
- अश्वनी सारस्वत (46 वर्ष) पुत्र विनोद सारस्वत, निवासी जयपुरिया सोसायटी, क्रासिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद
- पवन चौधरी (30 वर्ष) पुत्र हरवीर चौधरी, निवासी ग्राम रुहनला, आस्था सिटी, थाना सिकन्दरा, आगरा
को रेलवे फाटक, चिपियाना बुजुर्ग के पास से गिरफ्तार किया।
इनकी निशानदेही पर गिरोह के तीसरे सदस्य
- आकिल उर्फ अयान (लगभग 31 वर्ष) पुत्र जमशेद, निवासी ग्राम नहाल, थाना मसूरी, गाजियाबाद
को शाहबेरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने का पूरा सेटअप बरामद
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कंप्यूटर, प्रिंटर और कूटरचित रबर मोहरों की मदद से रेलवे और भारत सरकार के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। पुलिस ने इनके पास से 8 फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, 4 फर्जी आधार कार्ड, 4 चरित्र प्रमाण पत्र, 15 कूटरचित आईडी कार्ड, 3 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, 2 डिपार्टमेंटल मेमो, 2 इंडेमनिटी बॉन्ड, 7 फर्जी नोटिस, मेडिकल कर्मचारी कार्ड, आवेदन पत्र सहित कई दस्तावेज बरामद किए हैं।
इसके अलावा 2 एंड्रायड मोबाइल, 1 एप्पल फोन, 3 कूटरचित रेलवे रबर मोहरें, 1 प्रिंटर, 1 सीपीयू, 1 एलईडी मॉनिटर तथा एक बिना नंबर की स्कूटी भी बरामद की गई, जिसे 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है।
युवाओं को बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठता था और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर विश्वास में ले लेता था।
कानूनी कार्रवाई जारी
तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या संस्था को धनराशि न दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।।
