गौतमबुद्धनगर: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री बने पवन खटाना का सेक्टर-100 में भव्य स्वागत!!
दो टूक// नोएडा, सेक्टर-100। भारतीय किसान यूनियन में राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त होने पर भाई पवन खटाना का सेक्टर-100 में ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों किसान, मजदूर एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समारोह को और भी विशेष बनाते हुए रागिनी के प्रसिद्ध कलाकार हरेंद्र नागर व उनकी टीम ने रागिनी प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यकर्ताओं ने पवन खटाना को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसके लिए वे सभी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि सेक्टर-100 में मिला सम्मान किसान भाइयों के आशीर्वाद का प्रतीक है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे किसान बिरादरी और मजदूर वर्ग के सम्मान एवं अधिकारों की लड़ाई में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करते रहेंगे।
इस अवसर पर युवा अध्यक्ष ललित चौहान ने कहा कि पवन खटाना का नेतृत्व युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और गांव-गांव तक किसान हितों की आवाज पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने बताया कि संगठन निरंतर किसान और मजदूर हितों के मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा और पवन खटाना के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
कार्यक्रम में सक्रिय समाजसेवी नागेश चपराना की भी विशेष भूमिका रही। उन्होंने कहा कि किसान समाज की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और सभी को मिलकर किसान हितों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
इस मौके पर राजे प्रधान, गजेंद्र चौधरी, अनित कसाना, सुरेंद्र नागर, सुन्दर तंवर, धनीराम मास्टर, सूबे राम मास्टर, चाहत मास्टर, बेली भाटी, गुलाब अजीत बाबा, प्रदीप नागर, धर्मपाल स्वामी, धर्मेंद्र, भगत सिंह प्रधान, राजमल, विनोद पंडित, इंद्रीश चेची, अमित डेढ़ा, ललित चौहान, अमित, सचिन, गजराज भाटी, अरविंद लोहिया, सत्ते भाटी, सचिन नागर, योगेश भाटी, कोशिंदर खटाना, सुंदर खटाना, सोनू, राकेश चौधरी, चिराग, सुशील खटाना, भरत अवाना, नागेश चपराना, संदीप चपराना, संजीव संजू सहित सैकड़ों किसान-मजदूर कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।
