सोमवार, 19 जनवरी 2026

लखनऊ : STF ने फर्जीवाड़ा कर जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्य किया गिरफ्तार।||Lucknow:The STF (Special Task Force) has arrested four members of a gang involved in GST evasion through fraudulent activities.||

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लखनऊ  : 
STF ने फर्जीवाड़ा कर जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्य किया गिरफ्तार।
दो टूक : विभिन्न राज्यों तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवाइस,ई-वे बिल के माध्यम से जी०एस०टी० की चोरी कर लगभग 100 करोड़ से अधिक की राजस्व क्षति करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 04 सदस्य गिरफ्तार। बीते दिनांक 09-01-2026 को बोगस फर्मों की कूटरचित इनवाइसेज, ई-वे बिल के माध्यम से वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट बेचने एवं वास्तविक फर्मों द्वारा 30 करोड़ से अधिक की जी०एस०टी० चोरी कर राजस्व को क्षति पहुँचायी गई है।
विस्तार :
UPSTF के अनुसार कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कर उसके माध्यम से फर्जी इनवाइसेज ई-वे बिल काटकर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट बेच कर राजस्व को क्षति पहुंचाने वाली बोगस फर्मों के विरुद्ध जी०एस०टी० विभाग द्वारा उ०प्र० के विभिन्न जनपदो के थानों में अभियोग पंजीकृत कराये गये हैं। पंजीकृत अभियोगों से सम्बन्धित विवेचकों को तकनीकी / अभियान सम्बन्धी सहयोग प्रदान करने हेतु एस०टी०एफ० उ०प्र० को भी निर्देशित किया गया, जिसके क्रम में मु०अ०सं०-626/25 धारा-318(4), 338, 336(3), 340(2) बी०एन०एस० थाना कवि नगर सिटी जोन कमि० गाजियाबाद (सम्बन्धित फर्म महेश इण्टरप्राइजेज) के विवेचक द्वारा अभियोग के अनावरण हेतु एस०टी०एफ० मुख्यालय से वांछित सहयोग मांगा गया।

उपरोक्त कार्यवाही हेतु पुलिस उपाधीक्षक श्री प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षणाधीन उ०नि० जावेद आलम सिददीकी के नेतृत्व में उ०नि० चन्द्रप्रकाश मिश्रा, मु०आ० कवीन्द्र साहनी, मु०आ०

मृत्युंजय सिंह, मु०आ० वीर प्रताप, मु०आ० विमलेन्द्र मिश्रा, मु०आ० यशवन्त सिंह मु०आ० अजीत सिंह मय मय चालक अफजाल व चालक कृष्णदेव शुक्ला की एक टीम अभियोग के विवेचकगण के साथ दि० 08-01-2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एवं जनपद गाजियाबाद में अभिसूचना संकलन हेतु भ्रमणशील थी। अभिसूचना संकलन के क्रम में ज्ञात हुआ कि अभियोग उपरोक्त से सम्बन्धित फर्म एवं अन्य बोगस फर्मों का पंजीकरण कर बोगस इनवाइसेज तथा ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक फर्मों को बेचकर करोड़ो रूपये की राजस्व क्षति पहुंचाने वाला गिरोह नई दिल्ली व दिल्ली एन०सी०आर क्षेत्र में सक्रिय है, जिनके सम्बन्ध में मुखबिर मामूर कर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करते हुये एस०टी०एफ० फील्ड इकाई नोएडा में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी विस्तृत पूछताछ से ज्ञात हुआ कि हरदीप सिंह द्वारा नई दिल्ली में एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है, जहाँ पर अभियुक्त जितेन्द्र झा. पुनीत अग्रवाल, आलोक अग्रवाल व शिवम उसके साथ कार्य करते हैं। हरदीप सिंह द्वारा अपने उपरोक्त सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्म बनाना, बिना किसी परचेज के बोगस सेल्स इनवाईस काटना, बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना एवं फर्जी जी०एस०टी० रिटर्न फाईल करने सम्बन्धी कार्य किया जाता है। उक्त कार्य हरदीप सिंह द्वारा स्वयं की एवं अन्य विभिन्न वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाने हेतु किया जाता है। वास्तविक फर्म धारक अपना जी०एस०टी० नम्बर, माल/ सेवा की किस्म मात्रा, कीमत का विवरण हरदीप सिंह को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता था, जिस पर वह अपने साथियों जितेन्द्र झा, पुनीत अग्रवाल, आलोक अग्रवाल व शिवम आदि के माध्यम से पूर्व में बनायी गयी बोगस फर्मों के सेल्स इनवाईस, ई-वे बिल आदि विवरण जी०एस०टी० पोर्टल पर अपलोड कराकर उक्त विवरण सम्बन्धित वास्तविक फर्म धारको को उपलब्ध करा दिया जाता था। इन बोगस इनवाईसेज में अंकित माल/ सेवा की फर्जी परचेज को वास्तविक रूप देने के लिए सम्बन्धित फर्मों द्वारा बैंक खातों के माध्यम से सेल्स इनवाइस में अंकित रकम बोगस फर्म के खाते में ट्रांसफर दिखाई जाती है।
उक्त लेन-देन से सम्बन्धित धनराशि की पूर्ति बोगस फर्मों से कैश के माध्यम अथवा अन्य बोगस फर्मों से सकुर्लर ट्रेडिंग दिखाकर कर वास्तविक फर्म धारक कर लेता है। उक्त बैंक ट्रान्जेक्शन हेतु विभिन्न फर्मों के लागिन आई०डी०, पासवर्ड की एक्सेज अभियुक्तों के पास रहती है जिससे वह सम्बन्धित फर्मों से ओ०टी०पी० प्राप्त कर सुविधाजनक ढंग से लेन-देन करता रहता है। अभियुक्तों द्वारा दिल्ली व इसके बार्डर के जनपदों में कई बोगस फर्म पंजीकृत करायी गयी थी जिनके माध्यम से सर्कुलर ट्रेडिंग करते हुए स्वयं की एवं अन्य वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाते हुए करोड़ो रूपये की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।
अभियुक्तों द्वारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों के पतों पर कई बोगस फर्म पंजीकृत कराकर उनके माध्यम से जीएसटी चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाया जा रहा था। अभियुक्तों के मोबाइल फोन में 30 से अधिक ई-मेल आई०डी० लागिन थी जिनके माध्यम से बोगस फर्मों का पंजीकरण, फर्जी इनवाईस एवं ई-वे बिल काटने, जी०एस०टी० रिटर्न फाइलिंग एवं बैंक ट्रांजेक्शन सम्बन्धी ओ०टी०पी० प्राप्त किया जाता था। इन लोगो द्वारा महेश इण्टरप्राइजेज एवं अपनी अन्य बोगस फर्मों के माध्यम से प्रथम दृष्टया लगभग 100 करोड़ से अधिक धनराशि की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।
पूर्व से पंजीकृत मु०अ०सं०-626/25 धारा-318(4), 338, 336(3), 340(2) बी०एन०एस० थाना कवि नगर सिटी जोन कमि० गाजियाबाद के विवेचक द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों को सम्बन्धित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। अग्रिम विधिक कार्यवाही विवेचक द्वारा की जायेगी है।