मऊ :
जब वर्दी बनी विश्वास,नारी सुरक्षा बनी आस।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान* के अंतर्गत, पुलिस अधीक्षक मऊ इलामारन जी के निर्देशन में 14 जनवरी को जनपद समस्त सर्किलों के समस्त थानो के थाना प्रभारी/थाना अध्यक्षों, महिला बीट आरक्षियों द्वारा "मिशन शक्ति फेज-5.0" के तहत एक विशेष जन-जागरूकता अभियान किया गया इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद की महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना एवं उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु पुलिस की सक्रिय भूमिका को स्थापित करना है।
“सुरक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर महिला ही सशक्त समाज की नींव होती है। मऊ पुलिस मिशन शक्ति अभियान को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि जनहित में एक निरंतर प्रयास के रूप में देखती है और इसके तहत महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रतिबद्ध रहेगी।”
महिला सुरक्षा हेतु हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई-
महिलाओं व छात्राओं को कानूनी अधिकार, सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090, 112, 181, 1930, 102 आदि ) की जानकारी दी गई एवं किसी भी आपात स्थिति में उनसे कैसे सहायता प्राप्त की जा सकती है, यह भी विस्तार से बताया गया। तथा आत्मरक्षा के उपाय सिखाए गए।
इन संवाद सत्रों में सहज वातावरण में चर्चा करते हुए छात्राओं को उनके आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना और उस पर प्रतिक्रिया देना सिखाया गया।
महिलाओं में विश्वास और सुरक्षा का भाव उत्पन्न करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि महिला सुरक्षा एक सामूहिक दायित्व है,जिसमें पुलिस, समाज एवं परिवार की समान भूमिका होनी चाहिए।
पुलिस द्वारा चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं में भरोसे एवं आत्मविश्वास का वातावरण तैयार किया है।
