मऊ :
चर्चित साड़ी चोरी प्रकरण में गैंग लीडर की सम्पत्ति हुई जब्त।।
दो टूक : मऊ जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के चर्चित साड़ी चोरी प्रकरण में गैंग लीडर की अपराध से अर्जित की गई लगभग ₹1,46,13,000/- मूल्य की भूमि व मकान धारा 14(1) गैंगेस्टर अधिनियम के अन्तर्गत जब्त।
पुलिस अधीक्षक इलामारन द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा गैंगेस्टर एक्ट के अन्तर्गत पंजीकृत अभियोगों में अभियुक्तों द्वारा अर्जित अवैध चल-अचल सम्पत्तियों की पहचान कर विधिसम्मत जब्तीकरण किए जाने हेतु एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। उक्त अभियान के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी नगर कृश राजपूत के पर्यवेक्षण में एक संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया।
अभियान के क्रम में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, थाना कोतवाली नगर द्वारा सतत सुरागरसी एवं पतारसी की गई। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मु0अ0सं0 424/2025 धारा 2/3(1) उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, थाना कोतवाली नगर, जनपद मऊ से संबंधित अभियुक्त गैंग लीडर होजैफा नसीम पुत्र नसीम उर्फ कोठा, निवासी कासिमपुरा, थाना कोतवाली नगर द्वारा अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर संगठित एवं समाज विरोधी अपराध कारित करते हुए अवैध रूप से धन अर्जित किया गया तथा उसी अवैध धन से मकान संख्या 557/जी, गाटा संख्या 69, रकबा 52 कड़ी (210.6 वर्गमीटर), स्थित मौजा डोमनपुरा, थाना दक्षिणटोला, जनपद मऊ को क्रय किया गया।
उक्त अचल सम्पत्ति का सर्किल दर के अनुसार मूल्य लगभग ₹48,71,000/- तथा बाजारू मूल्य लगभग ₹1,46,13,000/- (रुपये एक करोड़ छियालिस लाख तेरह हजार मात्र) आंका गया है। जांच के दौरान अभियुक्त के पास उक्त सम्पत्ति क्रय करने का कोई वैध आय स्रोत नहीं पाया गया। विवेचना उपरान्त इस सम्बन्ध में विस्तृत पुलिस रिपोर्ट पूर्व में श्रीमान जिलाधिकारी , जनपद मऊ को प्रेषित की गई थी।
उपरोक्त तथ्यों से संतुष्ट होकर श्री प्रवीण मिश्र, जिला मजिस्ट्रेट, मऊ द्वारा 13 जनवरी को वाद संख्या 50/2026, कम्प्यूटरीकृत वाद संख्या D202615510000050, सरकार बनाम होजैफा नसीम, अन्तर्गत धारा 14(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 में आदेश पारित करते हुए उपरोक्त अचल सम्पत्ति को राज्य सरकार के पक्ष में कुर्क किए जाने का आदेश दिया गया। आदेश के अनुपालन में कुर्की की कार्यवाही नियमानुसार पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा सम्पन्न कराई गई है तथा तहसीलदार, सदर को उक्त सम्पत्ति का रिसीवर नियुक्त किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि कुर्क की गई सम्पत्ति पर किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, निर्माण अथवा कब्जा परिवर्तन पूर्णतः प्रतिबन्धित है तथा आदेश के उल्लंघन की स्थिति में सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यह कार्यवाही जनपद में अपराध, माफिया एवं संगठित गिरोहों के विरुद्ध शासन की शून्य सहनशीलता नीति के अनुरूप की गई है।
