गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत: पुलिस का बिल्डरों पर शिकंजा, पर्यावरण व जल प्रदूषण कानून में दूसरी FIR दर्ज!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने इस प्रकरण में बिल्डर अभय कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ एक और FIR दर्ज की है। यह मुकदमा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, जिससे मामले ने अब गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, जिस प्लॉट में युवराज की डूबकर मौत हुई, वह प्लॉट नियमों के विपरीत तालाब में तब्दील हो चुका था। इस प्लॉट के सभी पांच शेयर होल्डर—बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा और निर्मल कुमार के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित बिल्डरों की लापरवाही के चलते बेसमेंट में गंदा पानी भरा रहा, जिससे न केवल प्रदूषण फैल रहा था बल्कि जानलेवा हालात भी बने रहे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए गए, न ही जल निकासी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ। इसी लापरवाही के कारण पांच दिन पहले युवराज की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में FIR में BNS की धारा 290, 270 और 125 भी जोड़ी गई हैं, जो सार्वजनिक उपद्रव, स्वास्थ्य के लिए खतरनाक कृत्य और लापरवाही से संबंधित हैं।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। बिल्डर, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि नियमों की अनदेखी किस स्तर तक की गई और किन अधिकारियों या संस्थाओं की लापरवाही इसमें शामिल रही।
इस मामले ने एक बार फिर ग्रेटर नोएडा जैसे हाईटेक शहर में निर्माण कार्यों की मनमानी, पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवराज की मौत अब केवल हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर चूक का प्रतीक बनती जा रही है।
