गुरुवार, 29 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: लोकमंच निशुल्क दवा बैंक को फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का सहयोग, जरूरतमंदों के लिए दवाओं का बड़ा संबल — डॉ. महिपाल सिंह की समाज से अपील!!

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गौतमबुद्धनगर: लोकमंच निशुल्क दवा बैंक को फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का सहयोग, जरूरतमंदों के लिए दवाओं का बड़ा संबल — डॉ. महिपाल सिंह की समाज से अपील!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा। शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था लोकमंच द्वारा संचालित निशुल्क दवा बैंक को एक बार फिर समाजसेवा की मजबूत पहल के रूप में सहयोग मिला है। फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन, सेक्टर-70 ने लोकमंच को दवाइयाँ उपलब्ध कराकर जरूरतमंद मरीजों के लिए राहत का बड़ा माध्यम तैयार किया है। इस अवसर पर लोकमंच के संचालक महेश सक्सेना ने फाउंडेशन का सौहार्दपूर्ण दौरा किया और वहां उपचार व पुनर्वास प्राप्त कर रहे बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने फाउंडेशन के स्टाफ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

दौरे के दौरान फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की ओर से लोकमंच द्वारा संचालित निशुल्क दवा बैंक हेतु दवाओं का सहयोग दिया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा। संस्था का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति दवा के अभाव में इलाज से वंचित न रहे और समाज की अतिरिक्त संसाधनों को सही दिशा में उपयोग किया जा सके।

इस अवसर पर फाउंडेशन की निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव एवं डॉ. महिपाल सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, प्रशासन प्रमुख कृष्णा यादव तथा फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह ने अतिथियों को फाउंडेशन की विभिन्न गतिविधियों, उपचार सेवाओं और बच्चों के पुनर्वास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में विशेष शिक्षिका इलिका रावत, सेंटर मैनेजर सुरभि जैन तथा सोशल मीडिया मैनेजर सौम्या सोनी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

फाउंडेशन टीम ने इस सहयोग को सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के लिए जीवनदायी साबित होते हैं। वहीं लोकमंच के संचालक महेश सक्सेना ने फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।

इस दौरान डॉ. महिपाल सिंह ने समाज के लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अक्सर घरों में बीमारी के दौरान खरीदी गई दवाइयाँ मरीज के ठीक होने के बाद बेकार पड़ी रह जाती हैं और अंततः कूड़े में फेंक दी जाती हैं, जबकि दूसरी ओर कई गरीब लोग दवा और डॉक्टर की फीस के अभाव में उपचार नहीं करा पाते। उन्होंने कहा कि यदि घर में बची हुई उपयोगी दवाइयों को लोकमंच के निशुल्क दवा बैंक तक पहुँचाया जाए तो यह किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि लोकमंच की यह पहल समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है, जहां हजारों लोग अब तक लाभान्वित हो चुके हैं। सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाएं ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक अच्छी और सुरक्षित दवाइयाँ पहुँच सकें तथा समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना मजबूत हो।।