मंगलवार, 20 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में संदिग्ध जहरीला पानी बना काल, भेड़ों की मौत से हड़कंप; फैक्ट्री पर आरोप, पुलिस ने दी सफाई!!

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गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में संदिग्ध जहरीला पानी बना काल, भेड़ों की मौत से हड़कंप; फैक्ट्री पर आरोप, पुलिस ने दी सफाई!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र अंतर्गत महमदपुर गुर्जर गांव में संदिग्ध जहरीला/दूषित पानी पीने से भेड़ों की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पास स्थित एक फैक्ट्री से निकल रहा दूषित पानी खुले में बह रहा था, जिसे पीने के बाद बड़ी संख्या में भेड़ों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार जैसे ही भेड़ों ने उक्त पानी पिया, वैसे ही उनकी हालत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में कई भेड़ें जमीन पर गिर पड़ीं और तड़प-तड़प कर मर गईं। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना में करीब 25 भेड़ों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक भेड़ों की हालत गंभीर बनी हुई है। पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे गांव में रोष का माहौल है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर पहुंची टीम ने पानी के सैंपल लिए और फैक्ट्री की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की बात कही। ग्रामीणों द्वारा यह भी दावा किया गया कि संबंधित फैक्ट्री को सील किया गया है और फैक्ट्री से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

हालांकि, पूरे मामले पर दनकौर कोतवाली निरीक्षक ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही किसी फैक्ट्री को सील किया गया है। पुलिस के अनुसार अब तक लगभग 15 भेड़ों की मौत की पुष्टि हुई है। साथ ही यह भी बताया गया कि फिलहाल इस मामले में थाने पर किसी प्रकार की कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

कोतवाली निरीक्षक ने यह भी कहा कि यदि कोई तहरीर प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों और पशुपालकों में घटना को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री से निकलने वाले पानी की समय रहते जांच होती, तो इतनी बड़ी घटना से बचा जा सकता था।

फिलहाल प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और भेड़ों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की आवश्यकता जताई जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दूषित पानी के स्रोत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।।