सोमवार, 19 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में बनेगा हाईटेक साइबर थाना, साइबर अपराध पर लगेगी लगाम!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में बनेगा हाईटेक साइबर थाना, साइबर अपराध पर लगेगी लगाम!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: गौतमबुद्धनगर में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एक अहम कदम उठाया गया है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में थाना रबूपुरा क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-20, पॉकेट-सी, यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में नवीन साइबर थाना भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है।

यह साइबर थाना भवन लगभग 3500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹3 करोड़ 30 लाख 26 हजार रुपये है। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराया जा रहा है। भवन को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड, डेटा चोरी तथा डिजिटल व वित्तीय अपराधों में लगातार वृद्धि को देखते हुए एक नए साइबर थाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस नवीन साइबर थाना के स्थापित होने से पीड़ितों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण, तकनीकी जांच में तेजी और साइबर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

नए साइबर थाना भवन में हाईटेक साइबर फोरेंसिक यूनिट और अत्याधुनिक लैब की स्थापना की जाएगी, जहां डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन और विश्लेषण किया जाएगा। इसके साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर विशेषज्ञों की तैनाती भी की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को CyTrain पोर्टल के माध्यम से साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों, साइबर संस्थानों के प्रोफेसरों, बैंकिंग, शिक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़े विशेषज्ञों के सहयोग से “Cyber Vulnerability” जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण और विमर्श भी किया गया है।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि आधुनिक साइबर थाना भवन का निर्माण डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने, आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने और पुलिस की साइबर अपराध से निपटने की क्षमता को और अधिक मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।।