गौतमबुद्धनगर: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, 8 आरोपी गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: गौतमबुद्धनगर।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग/ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बिसरख पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 03 पुरुष अभियुक्त एवं 05 अभियुक्ताओं सहित कुल 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी सिम कार्ड, भुगतान से संबंधित सामग्री तथा नकदी बरामद की गई है।
इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त सेंट्रल नोएडा द्वारा गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 15,000 रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।
पुलिस कार्रवाई का विवरण
दिनांक 07 जनवरी 2026 को थाना बिसरख पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर गौर सिटी सेंटर, चार मूर्ति चौराहा के निकट स्थित एक ऑफिस पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से ठगी करने वाले गिरोह के 08 सदस्यों को चौथी मंजिल से गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से
18 मोबाइल फोन, 04 लैपटॉप, 155 प्रयोगशुदा फर्जी सिम (विभिन्न कंपनियों की), 50 पेमेंट QR कोड, 02 कंप्यूटर मॉनीटर, 04 वाई-फाई मॉडम, 10 पेज डाटा शीट, 10 कॉलिंग हेडफोन तथा 45,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।
ठगी करने का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे “Mazabook / Maze Se Jeeto” नामक ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से लोगों को अधिक पैसा जीतने का लालच देते थे। शुरुआत में ग्राहकों को जानबूझकर छोटी-छोटी रकम जितवाई जाती थी ताकि उनका भरोसा और लालच बढ़े। इसके बाद जब ग्राहक अधिक पैसा लगाने लगता था, तो गेम का पूरा नियंत्रण अपने पास रखते हुए उसे लगातार हरवाया जाता था।
यदि कोई व्यक्ति गलती से बड़ी रकम जीत लेता और उसे अपने खाते में ट्रांसफर करने की बात करता, तो आरोपियों द्वारा उसे ब्लॉक कर दिया जाता था और उसकी पूरी राशि हड़प ली जाती थी।
फर्जी KYC और भुगतान की साजिश
आरोपियों द्वारा फर्जी KYC दस्तावेज तैयार कर सिम कार्ड जारी कराए जाते थे। भुगतान प्राप्त करने के लिए पहले से छपे QR कोड उपयोग में लाए जाते थे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर एक्टिव कराकर विभिन्न बैंक खातों में पैसा मंगवाया जाता था। पूछताछ में इण्डियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक सहित कई बैंकों के खातों से जुड़े विवरण भी सामने आए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों में सोनल उर्फ अनिरुद्ध (गिरोह का मास्टरमाइंड) सहित कुल 08 लोग शामिल हैं, जो पिछले कई महीनों से इस ठगी नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं और कॉलिंग, डाटा कलेक्शन, भुगतान तथा ग्राहकों को फंसाने का काम संगठित तरीके से कर रहे थे।
पंजीकृत अभियोग
थाना बिसरख में आरोपियों के विरुद्ध मु0अ0सं0 27/2026 धारा 318(4)/319(1)/338/336(3)/340(2) बीएनएस, 13 जुआ अधिनियम तथा 66(सी)/66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग या निवेश के नाम पर दिए जा रहे किसी भी प्रकार के लालच में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
