मंगलवार, 20 जनवरी 2026

गौतमबुद्धनगर: एफडीआरसी की पहल से 2025 में सैकड़ों टूटते परिवार फिर जुड़े!!

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गौतमबुद्धनगर: एफडीआरसी की पहल से 2025 में सैकड़ों टूटते परिवार फिर जुड़े!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: गौतमबुद्धनगर।पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में महिला सुरक्षा और पारिवारिक स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था श्री राजीव नारायण मिश्र के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा के पर्यवेक्षण में वर्ष 2025 के दौरान पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र (FDRC) और महिला सहायता प्रकोष्ठ द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया।

दिनांक 01 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक एफडीआरसी, विभिन्न परामर्श केंद्रों, पिंक बूथों और सामुदायिक पुलिसिंग गतिविधियों के माध्यम से पारिवारिक व वैवाहिक विवादों में फंसे दंपत्तियों और परिवारों को परामर्श व मध्यस्थता उपलब्ध कराई गई। इस दौरान प्रोफेशनल काउंसलर्स एवं लीगल विशेषज्ञों की टीम ने मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक समस्याओं को समझते हुए दोनों पक्षों को संवाद के माध्यम से समाधान तक पहुंचाया, जिससे अनेक परिवार टूटने से बच सके।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में संचालित एफडीआरसी (Family Dispute Resolution Clinic) का मुख्य उद्देश्य आपसी मतभेदों को सुलझाकर समाज में शांति, स्थिरता और पारिवारिक सौहार्द बनाए रखना है। यह मॉडल पुलिस व्यवस्था के साथ काउंसलिंग को जोड़ते हुए घरेलू हिंसा, दहेज, वैवाहिक तनाव और अन्य सामाजिक समस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। इसके साथ ही समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को वैवाहिक और पारिवारिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील भी बनाया जा रहा है।

वर्ष 2025 में एफडीआरसी सेक्टर-108, एफडीआरसी नॉलेज पार्क, महिला थाना एवं महिला सहायता प्रकोष्ठ के माध्यम से कुल 117 मामलों में परिवारों को पुनः एकजुट कराया गया, जबकि सैकड़ों अन्य मामलों में भी सकारात्मक हस्तक्षेप किया गया।

इन प्रयासों में कुछ मामले विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। एक प्रकरण में नोएडा निवासी भारतीय युवती का विवाह अमेरिका में रह रहे युवक से हुआ था। आपसी मतभेदों के चलते युवती भारत लौट आई। एफडीआरसी के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच ऑनलाइन काउंसलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा मध्यस्थता कर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया, ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।

वहीं एक अन्य मामले में कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी पति के विरुद्ध घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और अतिरिक्त वैवाहिक संबंधों के आरोप लगाए गए थे। मामला एफडीआरसी सेक्टर-108 में पहुंचा, जहां प्रभारी अधिकारी एवं एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रोफेशनल काउंसलर्स की टीम ने पति-पत्नी को अलग-अलग तिथियों पर बुलाकर काउंसलिंग की। वर्ष 2017 में विवाहित यह दंपत्ति न्यूज़ीलैंड में कार्यरत था, लेकिन लंबे समय से अलग रह रहा था। प्रभावी मध्यस्थता और काउंसलिंग के बाद दोनों पक्ष साथ रहने के लिए सहमत हो गए और एक और परिवार टूटने से बच गया।

पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट द्वारा महिला सुरक्षा, सामुदायिक सहयोग और अपराध निवारण के लिए निरंतर बहुआयामी कार्यवाही की जा रही है। एफडीआरसी जैसी पहल न केवल कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाती है, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक समर्थन देकर समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करती है।