गौतमबुद्धनगर: शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 12 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, एक अभियुक्त गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक:: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक अहम सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 16 जनवरी 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अभियुक्त राजकुमार कुमावत को हैदराबाद (तेलंगाना) से गिरफ्तार किया। अभियुक्त पर आरोप है कि उसने चीनी (चाइनीज) साइबर ठग गिरोह से जुड़े अन्य साथियों के साथ मिलकर व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को लिंक भेजकर एक निवेश ग्रुप में जोड़ा और शेयर मार्केट में भारी लाभ का लालच देकर पीड़ित से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित को पहले 35 करोड़ रुपये तक के मुनाफे का झूठा प्रलोभन दिखाया गया, जिसके बाद अलग-अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी बुक्का मनोहर के साथ मिलकर “मून ब्लॉसम” नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई थी, जिसके माध्यम से साइबर फ्रॉड कर लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपये हासिल किए गए और आपस में बांट लिए गए। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 09 अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि अन्य संलिप्त अपराधियों की तलाश जारी है।
एनसीआरपी पोर्टल की जांच में यह भी सामने आया है कि इस ठगी से जुड़े बैंक खातों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में कुल तीन शिकायतें दर्ज हैं। इनमें तमिलनाडु में निवेश फ्रॉड से संबंधित दो मामलों में करीब 2.76 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और दिल्ली में एक मामले में लगभग 6 लाख रुपये की ठगी दर्ज है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम लिंक पर क्लिक न करें, केवल प्रमाणित कंपनियों में ही निवेश करें और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तुरंत साइबर क्राइम थाना या एनसीआरपी पोर्टल पर दें।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सतर्कता और आमजन की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।।
