मंगलवार, 11 नवंबर 2025

गौतमबुद्धनगर: निठारी कांड में बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को बरी किया, अंतिम दोषसिद्धि भी रद्द!!

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गौतमबुद्धनगर: निठारी कांड में बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को बरी किया, अंतिम दोषसिद्धि भी रद्द!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: नोएडा/नई दिल्ली। देश के बहुचर्चित निठारी सीरियल किलिंग केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए सुरेंद्र कोली को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने उसकी बची हुई अंतिम दोषसिद्धि को भी रद्द करते हुए आदेश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तुरंत रिहा किया जाए।

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की तीन-सदस्यीय पीठ ने यह फैसला कोली की सुधारात्मक याचिका पर सुनाया। न्यायालय ने माना कि कोली की दोषसिद्धि बेहद कमजोर साक्ष्यों पर आधारित थी और अन्य सभी 12 मामलों में पहले ही हाईकोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद यह स्थिति असामान्य हो गई थी।

पीठ ने कहा कि कोली के खिलाफ दोषसिद्धि केवल एक बयान और रसोई के चाकू की बरामदगी जैसे सीमित आधारों पर टिकती थी, जबकि अन्य मामलों में अभियोजन अपने आरोप साबित करने में विफल रहा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने फैसला पढ़ते हुए स्पष्ट कहा— “याचिकाकर्ता को आरोपों से बरी किया जाता है। उसे तत्काल रिहा किया जाए।”

क्या था मामला?

निठारी गांव (नोएडा) में वर्ष 2005-06 के दौरान हुए हत्याकांड ने देश को हिला दिया था। दिसंबर 2006 में नाले से कई कंकाल बरामद होने के बाद मामला सामने आया। जांच के दौरान पता चला कि घटनाएं सेक्टर-31 स्थित मोनिंदर सिंह पंढेर के घर से जुड़ी थीं, जहां सुरेंद्र कोली घरेलू नौकर था।
कोली पर कई बच्चों व युवतियों की हत्या और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे थे।

2011 में सुप्रीम कोर्ट ने 15 वर्षीय लड़की की हत्या के एक मामले में कोली की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में शेष 12 मामलों में कोली को बरी कर दिया था। इसी के बाद कोली ने अंतिम दोषसिद्धि के खिलाफ सुधारात्मक याचिका दायर की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

18 साल पुरानी कानूनी जंग का अंत

करीब दो दशक से अधिक समय से चल रहे इस भयावह केस में आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ कानूनी लड़ाई का अंतिम अध्याय बंद हो गया। अब कोली को सभी आरोपों से मुक्ति मिल गई है।