रविवार, 1 नवंबर 2026

लखनऊ : STF ने लंलअंतरराज्यीय असलहा तस्कर बिट्टू इंदौरी को किया गिरफ्तार,पिस्टल बरामद।।||Lucknow: STF arrested interstate arms smuggler Bittu Indori,Pistol recovered.||

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लखनऊ : 
STF ने लंलअंतरराज्यीय असलहा तस्कर बिट्टू इंदौरी को किया गिरफ्तार,
पिस्टल बरामद।।
◆मध्य प्रदेश से पूर्वांचल तक फैला था तस्करी का नेटवर्क।
दो टूक : उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गोरखपुर जनपद के थाना कैण्ट क्षेत्र 
कौवाबाग अंडरपास से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी बिट्टू इंदौरी उर्फ देवेंद्र सक्सेना है। एसटीएफ ने उसके कब्जे से दो अवैध .32 बोर पिस्टल, दो मैगजीन और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी पूर्वांचल में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ा था और पिछले चार से पांच वर्षों से इस धंधे में सक्रिय था।
विस्तार : 
एसटीएफ के मुताबिक अंतरराज्यीय असलहा तस्करी गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए गोरखपुर फील्ड इकाई लगातार अभिसूचना संकलन कर रही थी। जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से संचालित गिरोह पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज समेत कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था। गिरोह स्थानीय लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर प्रति पिस्टल 20 से 30 हजार रुपये तक का मुनाफा कमाता था।
एसटीएफ इस गिरोह पर पहले भी शिकंजा कस चुकी है। 14/15 सितंबर 2026 को गोरखपुर से गिरोह के पांच सदस्यों को पांच अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पांच अक्टूबर को एक अन्य सदस्य दो पिस्टल के साथ पकड़ा गया था।
इसी बीच 31 अक्टूबर को सूचना मिली कि गिरोह का सक्रिय सदस्य बिट्टू इंदौरी मध्य प्रदेश से पिस्टल लेकर अपने साथी रणधीर यादव को बेचने गोरखपुर पहुंचने वाला है। वह थाना कैंट में दर्ज मुकदमा संख्या 505/2026 में भी वांछित था। सूचना पर एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने थाना कैंट पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए शाम करीब 7:15 बजे कौवाबाग अंडरपास के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
◆जेल में हुई मुलाकात,फिर शुरू किया हथियारों का कारोबार।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पहले वह चार पहिया वाहन चलाता था। वाहन से दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद वह जेल गया। मध्य प्रदेश की सेंधवा जेल में उसकी मुलाकात असलहा तस्करी के आरोपी श्रेयांश यादव से हुई। इसी मुलाकात के बाद वह अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल हो गया।
आरोपी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के स्थानीय कारीगरों से 15 से 30 हजार रुपये में पिस्टल खरीदकर उन्हें 35 से 40 हजार रुपये में आगे बेचता था। श्रेयांश यादव, उसके भाई रणधीर यादव और अन्य साथियों के जरिए पूर्वांचल में हथियारों की सप्लाई होती थी। हथियार गोरखपुर तक पहुंचाने के लिए वह 10 हजार रुपये अतिरिक्त भी लेता था। वह पहले ही खरीदारों से रकम मंगा लेता था।
एसटीएफ के अनुसार, श्रेयांश यादव की गिरफ्तारी के बाद पूर्वांचल में इस नेटवर्क का कारोबार प्रभावित हुआ था। अब रणधीर यादव के कहने पर वह दो पिस्टल लेकर गोरखपुर पहुंचा था।
महाराष्ट्र में भी दर्ज है मुकदमा
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मुंबई के डीएन नगर थाने में भी वर्ष 2025 में आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ ने आरोपी को गोरखपुर के थाना कैंट में दर्ज आर्म्स एक्ट एवं बीएनएस की संबंधित धाराओं के मुकदमे में दाखिल कर दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।