लखनऊ :
SGPGI की भर्ती परीक्षा ऐन वक्त पर रद्द, भड़के अभ्यर्थियों का सेण्टर पर धरना प्रदर्शन।।
◆दो साल इंतजार के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचे हजारों परीक्षार्थियों को लगा झटका, बिना स्पष्ट कारण परीक्षा निरस्त करने पर उठे सवाल।।
दो टूक : संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) की भर्ती परीक्षा ऐन वक्त पर रद्द होने से रविवार को राजधानी लखनऊ में अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। थाना पीजीआई क्षेत्र के वृंदावन योजना सेक्टर-9 स्थित एनकेएम स्कूल और केंद्रीय विद्यालय पीजीआई में परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अचानक परीक्षा निरस्त होने की सूचना दी गई। नाराज अभ्यर्थियों ने एनकेएम स्कूल के बाहर धरना शुरू कर दिया और संस्थान प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
विस्तार :
◆दो साल इंतजार, फिर परीक्षा के दिन झटका।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पहले एक ही परीक्षा आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में दो चरणों में परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद करीब दो साल तक अभ्यर्थी परीक्षा की तारीख का इंतजार करते रहे। रविवार को जब हजारों रुपये खर्च कर देश के अलग-अलग राज्यों से अभ्यर्थी परीक्षा देने लखनऊ पहुंचे तो ऐन मौके पर परीक्षा रद्द कर दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा निरस्त करने का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। इससे उनका समय, पैसा और मेहनत तीनों बर्बाद हो गए।
◆पुलिस ने संभाला मोर्चा, प्रशासन से हुई बातचीत।
परीक्षा रद्द होने की सूचना पर आक्रोशित अभ्यर्थियों ने एनकेएम स्कूल के बाहर धरना देकर विरोध जताया। सूचना मिलते ही एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव और पीजीआई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं और एसजीपीजीआई प्रशासन से बातचीत कराई। काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
अभ्यर्थियों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने संस्थान के निदेशक एवं भर्ती विभाग को मांगपत्र सौंपते हुए नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण (स्टेज-2) को ऑनलाइन मोड में आयोजित कराने की मांग की है। ● परीक्षार्थियों की प्रमुख मांगें हैं—
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों का सामूहिक संज्ञानपन एसीपी ऋषभ यादव गोसाईगंज को सौपा।
इनकी प्रमुख मांगे - निरस्त परीक्षा एक महीने के भीतर दोबारा आयोजित कराई जाए।
परीक्षा ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित माध्यम (सीबीटी) से कराई जाए।
अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद अथवा गृह नगर में परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी भी मेहनती अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
कई राज्यों से पहुंचे अभ्यर्थियों में नाराजगी
पश्चिम बंगाल के रुबेल आलम, जम्मू-कश्मीर के शरावाज, हरियाणा के पीयूष यादव और पीयूष, उत्तर प्रदेश की अंकिता, कर्नाटक की अश्विनी धोंडे समेत विभिन्न राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द किए जाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि दूर-दराज के राज्यों से लखनऊ पहुंचने में किराया, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर भारी खर्च हुआ है। अब परीक्षा निरस्त होने से उन्हें दोबारा यही परेशानी झेलनी पड़ेगी।
भर्ती विज्ञापन में ऑनलाइन परीक्षा का था उल्लेख
◆गौरतलब है कि एसजीपीजीआई की ओर से विज्ञापन संख्या 1/08/1-11/रेक्ट/2025-26 के तहत नर्सिंग ऑफिसर समेत विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। भर्ती विज्ञापन में कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा (सीआरटी/सीबीटी) का उल्लेख किया गया है। अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से होनी है तो उसे अभ्यर्थियों के गृह नगरों में आयोजित कराने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती?
फिलहाल अभ्यर्थियों की निगाहें एसजीपीजीआई प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं। अब देखना यह है कि संस्थान संशोधित परीक्षा तिथि कब घोषित करता है और अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
◆विरोध प्रदर्शन करते हुए आक्रोशित परीक्षार्थी।
