बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

सीतापुर : असवामऊ पंचायत भवन में गंदगी लगा अम्बार,रास्ता लापता, शौचालय पर झूलता ताला।।Sitapur: The Aswamou Panchayat Bhawan is littered with filth.It's piled up, the path is missing, and the toilet is locked.||

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सीतापुर : 
असवामऊ पंचायत भवन में गंदगी 
लगा अम्बार,रास्ता लापता,शौचालय पर झूलता ताला।।
◆दस साल पहले बना शौचालय बेकार, पंचायत भवन में गंदगी का अंबार; डीएम के पीआरओ से शिकायत, सीएम हेल्पलाइन तक गुहार।
।।राकेश कुमार।।
दो टूक : सीतापुर जनपद के विकास खण्ड गोदला मऊ क्षेत्र के ग्राम सभा
असवामऊ गांव में विकास के दावों की जमीनी हकीकत बद से बदहाल है। ब्रह्म बाबा स्थल से ग्राम पंचायत भवन तक आने-जाने का रास्ता तक नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कागजों में दर्ज है, लेकिन मौके पर रास्ता नदारद है। पंचायत भवन के अंदर-बाहर गंदगी का अंबार है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
●दस साल में भी नहीं खुला शौचालय का ताला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव वासियों की सुविधा हेतु लाखों रुपये की लागत से करीब दस साल पहले बना सरकारी शौचालय बदहाली की भेंट चढ़ गया। टूटे दरवाजे और गंदगी के चलते शौचालय बंद पड़ा है। नतीजा, ग्रामीणों को खुले में शौच जाने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। सरकारी धन खर्च होने के बावजूद सुविधा बेकार पड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों की जवाबदेही पर सवाल खड़े हैं।
डीएम तक पहुंचा मामला, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत।
भाजपा युवा नेता मनीष श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की समस्याएं उठाते हुए जिलाधिकारी के पीआरओ से वार्ता की। पेयजल संकट, पंचायत भवन की बदहाली और बंद शौचालय की जांच कराकर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
अब सवाल है कि प्रशासन शिकायतों के बाद भी कब जागेगा? ग्रामीणों को रास्ता, साफ पंचायत भवन और चालू शौचालय कब मिलेगा, या सरकारी सुविधाएं यूं ही कागजों में चलती रहेंगी?
◆पंचायत भवन तक पहुचने का नही है रास्ता :
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ब्रम्ह बाबा से असवामऊ ग्राम पंचायत भवन तक कागज में पक्की डामर सड़क बनी हुई है लेकिन हकीकत मे पंचायत भवन तक पैदल पहुचना नामुमकिन है मौके पर आने जाने तक का रास्ता ही नही है। ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव,ग्राम विकास अधिकारी सब मिलकर बोले भाले गांववासियों को बेकूफ बनाकर विकासका पैसा बंदर बांट कर लेते है। जिम्मेदार अधिकारी कभी जमीन हकीकत जाने की कोशिश नही करते है।।