शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

मऊ :स्थायी लोक अदालत की सदस्य बनीं स्नेहलता त्रिपाठी,जनपद न्यायाधीश ने दिलाया पदभार।||Mau:Snehlata Tripathi became a member of the Permanent Lok Adalat, appointed by the District Judge.||

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मऊ :
स्थायी लोक अदालत की सदस्य बनीं स्नेहलता त्रिपाठी,जनपद न्यायाधीश ने दिलाया पदभार।
●जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण में निभाएंगी अहम भूमिका।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ स्थायी लोक अदालत, मऊ की सदस्य के रूप में स्नेहलता त्रिपाठी ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव एवं स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष हीरा लाल ने उन्हें पदभार ग्रहण कराया। उनके सदस्य बनने से स्थायी लोक अदालत की न्यायपीठ को मजबूती मिलने के साथ ही आमजन को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
स्नेहलता त्रिपाठी सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़कर उन्होंने समाज सुधार और जनकल्याण के क्षेत्र में योगदान दिया है। अब स्थायी लोक अदालत की सदस्य के रूप में वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आम नागरिकों को न्याय दिलाने और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों का होगा निस्तारण
स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य आम नागरिकों को जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का सरल, सुलभ और त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। इसके दायरे में विद्युत, डाक, दूरसंचार, परिवहन, रेलवे, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसी जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामले आते हैं। यह व्यवस्था लोगों को विवादों के समाधान के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराती है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।
पदभार ग्रहण के दौरान मौजूद रहे न्यायिक अधिकारी
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय निरंजन पाण्डेय, एडीजे दीप नारायण तिवारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिद्धार्थ चतुर्वेदी, सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी अरुणाजली सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी स्तुति सोनकर तथा स्थायी लोक अदालत के वरिष्ठ सदस्य विकास भाई निकुम्भ समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
स्नेहलता त्रिपाठी के पदभार ग्रहण करने को स्थायी लोक अदालत के कामकाज को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके सामाजिक अनुभव और सक्रियता से आम नागरिकों को जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के निस्तारण में लाभ मिलने की उम्मीद है।