शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

लखनऊ : जनता की शिकायतें दबाना पड़ा भारी,एक दर्जन दरोगा लाइन हाजिर।।||Lucknow:  Suppressing public complaints proved costly, a dozen police officers were placed on the line.||

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लखनऊ :  
जनता की शिकायतें दबाना पड़ा भारी,एक दर्जन दरोगा लाइन हाजिर।।
◆पुलिस कमिश्नर का चला चाबुक, छिन गई 12 दरोगाओं की पुलिस चौकी।।
दो टूक : जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करना और सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतना लखनऊ पुलिस के 12 उपनिरीक्षकों को भारी पड़ गया। जनशिकायतों और आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही तथा शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता पर पुलिस आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए 12 चौकी प्रभारियों और उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
विस्तार : 
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शासन की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस आयुक्त पहले भी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दे चुके थे कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक थानों और चौकियों के चक्कर न कटवाए जाएं तथा उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई की जाए।
इसके बावजूद शिकायतों और आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए 31 अक्टूबर को पुलिस आयुक्त ने बड़ी कार्रवाई कर 12 उपनिरीक्षकों को लाइन का रास्ता दिखा दिया।
●इन 12 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज।
म0उ0नि0 राखी, चौकी प्रभारी विवेक खंड, गोमतीनगर।
उ0नि0 मनोज कुमार सिंह, चौकी प्रभारी जलसेतु, चिनहट।
उ0नि0 दिवाकर सरोज, चौकी प्रभारी शिवानी विहार, गुडंबा।
उ0नि0 वीर विक्रम सिंह, चौकी प्रभारी बस स्टैंड, आलमबाग।
उ0नि0 दीपक पाण्डेय, चौकी प्रभारी नौबस्ता, मड़ियांव।
उ0नि0 अशोक यादव, चौकी प्रभारी इंदौरा बाग, बीकेटी।
उ0नि0 दीपक कुमार, थाना सुशांत गोल्फ सिटी।
उ0नि0 अतुल सिंह, थाना मोहनलालगंज।
उ0नि0 भगवान सिंह, थाना दुबग्गा।
उ0नि0 रजत सिंह, थाना वजीरगंज।
उ0नि0 भारत सिंह, थाना पारा।
उ0नि0 अनिल भगत, थाना गौतमपल्ली।
पुलिस कमिश्नरेट ने साफ संदेश दिया है कि जनशिकायतों की अनदेखी और सरकारी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई के जरिए थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों को भी साफ संकेत दे दिया गया है कि जनता की सुनवाई में लापरवाही अब भारी पड़ेगी।