रविवार, 11 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: सलारपुर-भंगेल व्यापार मंडल ने धूमधाम से मनाई महाराजा अग्रसेन जयंती, उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प!!

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गौतमबुद्धनगर: सलारपुर-भंगेल व्यापार मंडल ने धूमधाम से मनाई महाराजा अग्रसेन जयंती, उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

मनोज गोयल और राघवेंद्र दुबे ने महाराजा अग्रसेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन, समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे का दिया संदेश

दो टूक//नोएडा। सेक्टर-102 स्थित भंगेल में सलारपुर-भंगेल व्यापार मंडल की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर व्यापारियों ने महाराजा अग्रसेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को याद करते हुए समाज में एकता, समानता, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज गोयल तथा समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर के पूर्व महासचिव एवं प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने व्यापारियों के साथ महाराजा अग्रसेन जी को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का काम करते हैं।

महाराजा अग्रसेन ने समाज को दिया समानता और सहयोग का संदेश

सपा के पूर्व महासचिव एवं प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने कहा कि महाराजा अग्रसेन भारतीय इतिहास के महान शासकों में से एक थे। उन्हें सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा माना जाता है। मान्यता के अनुसार, वे राजा वल्लभसेन के पुत्र थे और उन्होंने वर्तमान हरियाणा के हिसार क्षेत्र में स्थित अग्रोहा को अपनी राजधानी बनाकर शासन किया। महाराजा अग्रसेन को अग्रवाल समाज की परंपरा का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने समाज में अहिंसा, समानता, परोपकार और आपसी सहयोग को विशेष महत्व दिया।

राघवेंद्र दुबे ने कहा कि महाराजा अग्रसेन का जीवन हमें सिखाता है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को सम्मान, अवसर और आगे बढ़ने का सहयोग मिले। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रासंगिक हैं। व्यापारिक समुदाय के लिए भी उनके आदर्श प्रेरणास्रोत हैं, क्योंकि उन्होंने परस्पर सहयोग और जनकल्याण को सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाया।

‘एक ईंट, एक रुपया’ के सिद्धांत में छिपा था सामाजिक सहयोग का भाव

व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज गोयल ने महाराजा अग्रसेन के प्रसिद्ध ‘एक ईंट, एक रुपया’ सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा आपसी सहयोग और सामाजिक समानता का प्रतीक मानी जाती है। इस सिद्धांत के अनुसार, अग्रोहा में आने वाले नए परिवार को समाज के प्रत्येक परिवार की ओर से एक ईंट और एक रुपया दिया जाता था, ताकि वह अपना घर बना सके और कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सके।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहारा देना, उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना और समाज में आर्थिक असमानता को कम करना था। महाराजा अग्रसेन का यह आदर्श आज भी व्यापारियों और समाज के प्रत्येक वर्ग को जरूरतमंदों की मदद करने तथा सामूहिक विकास के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।

मनोज गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने का अवसर भी है। यदि समाज के लोग एक-दूसरे की सहायता करने और जरूरतमंदों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें, तो सामाजिक एकता और समृद्धि को नई मजबूती मिल सकती है।

व्यापारियों ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को अपनाने का दिया संदेश

कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों ने महाराजा अग्रसेन जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। आयोजन ने व्यापारिक एकता, सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर सुबोध गोयल, प्रशांत गोयल, अरविंद गर्ग, सौरभ जिंदल, राजीव गुप्ता, उमेश शर्मा, पंकज त्यागी, विशाल गुप्ता, मोहित, प्रमोद, अनिल गोयल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने महाराजा अग्रसेन जी को नमन करते हुए उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।।