गौतमबुद्धनगर: सलारपुर में किसानों के ट्रैक्टर काफिले को पुलिस ने रोका, राष्ट्रपति के नाम सौंपा आठ सूत्रीय ज्ञापन!!
मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम काटे जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच, नामों की बहाली और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की उठाई मांग
दो टूक//नोएडा, 10 अक्टूबर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर शनिवार को गौतम बुद्ध नगर में जिलाध्यक्ष अशोक भाटी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता सलारपुर स्थित जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। किसान ट्रैक्टरों के काफिले के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर जाने के लिए निकले, लेकिन पुलिस प्रशासन ने श्री कृष्णा टावर के पास वाहनों को लगाकर उनका रास्ता रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस प्रशासन के आग्रह पर किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्रा के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से भारतीय किसान यूनियन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से या निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना सूची से हटाए गए हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से दोबारा शामिल किया जाए। साथ ही मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
जंतर-मंतर जा रहे किसानों को रास्ते में रोका
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर जाने के लिए ट्रैक्टरों के काफिले के साथ रवाना हुए थे। सलारपुर से निकले इस काफिले को श्री कृष्णा टावर के पास पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत के साथ नोकझोंक भी हुई। पुलिस प्रशासन की ओर से ज्ञापन सौंपने का आग्रह किए जाने पर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी सहमत हो गए।
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्रा मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया। किसानों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की।
पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने की निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसे बहाल किया जाना चाहिए। साथ ही राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर हटाए गए नामों का सत्यापित विवरण तथा नाम हटाने के कारण सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता बनी रहे।
किसान यूनियन ने यह भी मांग की कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने, संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपील करने का सरल एवं प्रभावी अवसर मिलना चाहिए। संगठन के मुताबिक, शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए कि प्रभावित नागरिक अपने आवेदन की स्थिति भी जान सकें।
किसान, मजदूर और वंचित वर्गों के मताधिकार पर जोर
भारतीय किसान यूनियन ने ज्ञापन में किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अन्य वंचित समुदायों के पात्र नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी सुरक्षित रखने की मांग की। संगठन ने कहा कि दस्तावेजों की कमी, तकनीकी प्रक्रियाओं या प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण किसी भी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रत्येक निर्णय का स्पष्ट आधार होना चाहिए। प्रभावित व्यक्ति को कारण जानने, अपना पक्ष रखने और नाम दोबारा जुड़वाने का प्रभावी अवसर मिलना जरूरी है। संगठन ने शिकायतों के निस्तारण के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाने तथा जांच में जानबूझकर की गई अनियमितता, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में रखीं आठ प्रमुख मांगें
भारतीय किसान यूनियन की ओर से राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में आठ प्रमुख मांगें शामिल की गईं। इनमें विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए नामों और अपनाई गई प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच, गलत तरीके से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की समयबद्ध बहाली, राज्य से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक हटाए गए नामों का सत्यापित विवरण सार्वजनिक करना, प्रभावित नागरिकों को सूचना और सुनवाई का अवसर देना तथा वंचित वर्गों के मतदाताओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।
इसके अलावा, नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, नाम की जांच और पुनः नामांकन सहित अपील की प्रभावी व्यवस्था तथा पूरी निर्वाचन प्रक्रिया में कानून, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पुलिस बल रहा तैनात
किसानों के काफिले को रोकने और ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान थाना सेक्टर-39 के निरीक्षक धर्म प्रकाश शुक्ला, एसएसआई लोकेंद्र राणा, सलारपुर चौकी के निरीक्षक शिशुपाल सोलंकी और सेक्टर-98 चौकी के निरीक्षक संगम मिश्रा सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
इस मौके पर महानगर अध्यक्ष श्रीपाल कसाना, मदन भाटी, सिंहराज गुर्जर, योगेश भाटी, सोमेश भारद्वाज, प्रदीप भाटी, सचिन अवाना, राजा चौधरी, जगत अवाना, अजय गुर्जर, धर्मेंद्र चपराना, बलजीत भड़ाना, बिन्टू और गजेंद्र रेक्सवाल सहित सैकड़ों किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।
