गौतमबुद्धनगर: दिल्ली कूच कर रहे गौतमबुद्ध नगर के किसानों को चपरगढ़ टोल पर रोका, पुलिस से नोकझोंक के बाद धरने पर बैठे किसान!!
भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली जा रहे थे किसान, पवन खटाना बोले—किसानों को रोकना लोकतंत्र की हत्या
दो टूक//गौतमबुद्ध नगर, 10 अक्टूबर 2026। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आह्वान पर दिल्ली के जंतर-मंतर जा रहे गौतमबुद्ध नगर के किसानों को शनिवार को पुलिस प्रशासन ने गांव चपरगढ़ और यमुना एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। दिल्ली कूच के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ निकले सैकड़ों किसानों को रोके जाने के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद किसान टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
भारतीय किसान यूनियन के कैंप कार्यालय, गांव चपरगढ़ से जुड़े इस घटनाक्रम के बाद किसान नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। किसान नेताओं का कहना है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। उन्होंने इसे किसानों की आवाज दबाने वाला कदम बताते हुए कहा कि सरकार को किसानों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना चाहिए।
पवन खटाना बोले—किसानों को दिल्ली जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना ने कहा कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर जा रहे थे। ऐसे में प्रशासन को उन्हें रोकने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनने का रास्ता निकालना चाहिए था।
पवन खटाना ने कहा कि किसानों को अपनी मांगों और अधिकारों के लिए आवाज उठाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि उन्हें रास्ते में रोककर।
किसान, मजदूर और युवाओं को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन: सुनील प्रधान
भारतीय किसान यूनियन के जिला मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने कहा कि जब तक किसान, मजदूर और युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के विरोध को लेकर भी लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं और इस मुद्दे पर किसान, मजदूर तथा युवा एकजुट हैं।
सुनील प्रधान ने स्पष्ट किया कि किसानों का आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनके मुताबिक, किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।
चपरगढ़ टोल पर जारी रहेगा धरना, राकेश टिकैत के निर्देश पर बनेगी आगे की रणनीति
किसान नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में चपरगढ़ टोल प्लाजा पर किसानों का धरना जारी रहेगा। आगे की रणनीति भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
दिल्ली कूच के दौरान किसानों को रोके जाने के बाद चपरगढ़ टोल प्लाजा पर किसान जुटे रहे। मौके पर भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसान नेताओं ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं के मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगा।
फिलहाल किसानों के चपरगढ़ टोल पर धरने के चलते आंदोलन को लेकर क्षेत्र में हलचल बनी हुई है। किसान नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।।
