मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

अम्बेडकरनगर :मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति पर छात्राओं को किया जागरूक, तनाव प्रबंधन के दिए टिप्स।||Ambedkar Nagar:Student students were made aware of mental health and drug addiction, and tips were given for stress management.||

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अम्बेडकरनगर :
मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति पर छात्राओं को किया जागरूक, तनाव प्रबंधन के दिए टिप्स।
(ए.के. चतुर्वेदी)
दो टूक : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अकबरपुर में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, योग-प्राणायाम और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने छात्राओं को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और किसी भी समस्या के समाधान के लिए समय रहते उचित परामर्श लेने की सलाह दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरविन्द कुमार वर्मा, मुख्य अतिथि एवं मनोरोग चिकित्सक डॉ. जे.के. वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुश्री पंजतन ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सरस्वती वंदना के बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. अरविन्द कुमार वर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ परिवार एवं समाज की प्रगति में भी बाधक बनता है। युवा पीढ़ी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को नशे से दूर रखकर ही स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि छात्राओं में सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है।
मुख्य वक्ता मनोरोग चिकित्सक डॉ. जे.के. वर्मा ने नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति की निर्णय क्षमता, कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। उन्होंने छात्राओं को तनाव से निपटने के स्वस्थ तरीके अपनाने, नशे से संबंधित समस्याओं के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के प्रति तिरस्कार के बजाय संवेदनशीलता, सहयोग और उचित उपचार की भावना रखनी चाहिए।
विशिष्ट वक्ता क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुश्री पंजतन ने मानसिक तनाव दूर करने के लिए योग एवं प्राणायाम को प्रभावी उपाय बताया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर में स्फूर्ति और मन में शांति आती है। स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं और प्राध्यापकों को मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने तथा तनाव कम करने के व्यावहारिक अभ्यास भी कराए।
वाणिज्य विभाग के प्रो. रमेश कुमार ने कहा कि उम्र के अनुसार मानसिक तनाव का स्वरूप और चुनौतियां अलग-अलग होती हैं। ऐसे में परिस्थितियों को समझते हुए चुनौतियों को स्वीकार करना चाहिए तथा अनावश्यक तनाव से बचने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. राघवेंद्र मिश्रा ने किया। सेवा संकल्प अभियान के संयोजक प्रो. अरुण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों, वक्ताओं, प्राध्यापकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के मुख्य शास्ता प्रो. नंदन सिंह, प्रो. अरुण कांत गौतम, डॉ. रवींद्र वर्मा, डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. सीमा यादव, डॉ. महेंद्र यादव, विद्याधर मिश्र, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. संगीता, डॉ. वालेंतिना प्रिया, डॉ. सुनीता सिंह, सीता पाण्डेय, डॉ. सतीश उपाध्याय, डॉ. भानु प्रताप राय, डॉ. अस्तुति वर्मा सहित महाविद्यालय के कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।