गौतमबुद्धनगर: वाजिदपुर में वोट बनवाने पहुंचे ग्रामीणों को नहीं मिला फार्म-6, निर्वाचन व्यवस्था पर उठे सवाल!!
दो टूक//नोएडा। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन गौतमबुद्धनगर के वाजिदपुर गांव में नई वोट बनवाने पहुंचे एक ग्रामीण को बूथ पर फार्म-6 उपलब्ध नहीं मिला। इस स्थिति ने मतदाता पंजीकरण अभियान की जमीनी तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि वह अपने दोनों बच्चों प्रियान्शी चौहान और प्रिंस चौहान की नई वोट बनवाने के लिए 17 अक्टूबर 2026 को तहसील सदर, जिला गौतमबुद्धनगर के अंतर्गत गांव वाजिदपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे थे। यहां बूथ संख्या 571 पर तैनात बीएलओ से संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि नई वोट बनवाने के लिए आवश्यक फार्म-6 उपलब्ध नहीं है।
अशोक चौहान के अनुसार, बीएलओ ने उन्हें अपने दस्तावेजों की छायाप्रति और एक-एक फोटो जमा करने के लिए कहा। साथ ही बताया कि फार्म-6 उपलब्ध होने पर आवेदन भरवा दिया जाएगा। ऐसे में नई वोट बनवाने के उद्देश्य से बूथ पर पहुंचे लोगों को तत्काल आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
फार्म-6 के बिना कैसे पूरी होगी नई वोट बनाने की प्रक्रिया?
अशोक चौहान ने निर्वाचन आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है, तो संबंधित बूथों पर फार्म-6 जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना भी जरूरी है। यदि बीएलओ को समय पर फार्म उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो पात्र नागरिकों की नई वोट बनाने की प्रक्रिया प्रभावित होना स्वाभाविक है।
उन्होंने सवाल किया कि जब नागरिक अपनी और अपने बच्चों की वोट बनवाने के लिए बूथ तक पहुंच रहे हैं, तो उन्हें आवेदन करने की सुविधा मौके पर ही क्यों नहीं मिल पा रही है?
निर्वाचन आयोग से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
अशोक चौहान ने निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि बूथ संख्या 571 सहित सभी संबंधित मतदान केंद्रों पर फार्म-6 की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि मतदाता पंजीकरण अभियान के दौरान आवश्यक प्रपत्र समय पर बीएलओ तक क्यों नहीं पहुंच पाए।
उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं को पंजीकरण के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देना है। ऐसे में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं का समय पर उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
अब सवाल यह है कि जब नागरिक नई वोट बनवाने के लिए बूथ तक पहुंच रहे हैं, तो वहां फार्म-6 उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा? संबंधित अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, ताकि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।।
