लखनऊ :
कारोबारी का अपहरण कर 13 लाख की फिरौती वसूलने वाले गिरोह के दो इनामी गिरफ्तार।
●फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर दिया था घटना को अंजाम, ₹1.34 लाख नकदी बरामद।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर क्षेत्र से कारोबारी का अपहरण कर लाखों रुपये की फिरौती वसूलने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो इनामी बदमाशों को कृष्णानगर पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार करने मे कामयाब रही। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.34 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
विस्तार :
DCP साउथ मोहम्मद मुश्ताक ने जानकारी देते हुए बताया कि आलमबाग क्षेत्र के साकेत अपार्टमेंट निवासी कारोबारी सुदर्शन घोष ने 13 सितंबर 2026 को कृष्णानगर थाने में अपहरण कर फिरौती वसूलने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि 12 सितंबर को गिरोह के सदस्यों ने कारोबारी के कार्यालय के पास खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए उसे रोक लिया। आरोपियों ने फर्जी पुलिस आईडी कार्ड दिखाकर पूछताछ के बहाने कारोबारी को गाड़ी में बैठा लिया और फिर उसे डरा-धमकाकर फिरौती की मांग की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी से जबरन उसकी पत्नी को फोन करवाया और रिहाई के बदले रुपये मांगे। इसके बाद कारोबारी के ड्राइवर के माध्यम से 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर मिलने पर उसे शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में फरार हो गए थे।
◆रेकी कर बनाते थे शिकार, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल।
पूछताछ में आरोपी पंकज भूषण कुमार ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं और अधिक संपत्ति वाले लोगों को निशाना बनाते थे। कारोबारी सुदर्शन घोष के एंटीक सामान के कारोबार और उसके पास नकदी व जेवर होने की जानकारी मिलने के बाद गिरोह ने उसकी गतिविधियों की रेकी की थी। वारदात में इस्तेमाल वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थी, ताकि पुलिस उनकी पहचान न कर सके।
पुलिस के मुताबिक, फिरौती में मिली नकदी और जेवर गिरोह के सदस्यों ने आपस में बांट लिए थे। कुछ रकम खर्च भी कर दी गई थी। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपी ठिकाने बदलकर छिप रहे थे। बाद में वे दोबारा लखनऊ आए, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज भूषण कुमार (47), निवासी रंगारेड्डी, हैदराबाद, तेलंगाना, मूल निवासी नालंदा, बिहार और नवनीत सिंह (32), निवासी न्यू बेहसा, मानसरोवर योजना, सरोजनीनगर, लखनऊ के रूप में हुई है गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
