गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा जोन-1 की कमान अब IPS प्रीति यादव के हाथों में, पहली महिला DCP बनने से चर्चा में आईं!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा जोन-1 की कमान अब IPS प्रीति यादव के हाथों में, पहली महिला DCP बनने से चर्चा में आईं!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक फेरबदल, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी प्रीति यादव; इससे पहले महिला सुरक्षा एवं साइबर क्राइम में थीं तैनात

दो टूक//नोएडा, 29 अक्टूबर। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में हुए प्रशासनिक बदलाव के तहत आईपीएस अधिकारी प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 का नया पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तैनाती को नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह नोएडा जोन की कमान संभालने वाली पहली महिला डीसीपी बनी हैं। उनकी नियुक्ति के बाद अब जोन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां उनके नेतृत्व में रहेंगी।

प्रीति यादव इससे पहले गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) के रूप में महिला सुरक्षा एवं साइबर क्राइम से जुड़े दायित्व संभाल रही थीं। नई जिम्मेदारी के साथ उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में पुलिस के सामने अपराधों पर अंकुश लगाने, नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां रहती हैं।

संवेदनशील क्षेत्र है नोएडा जोन-1

नोएडा जोन-1 में प्रमुख आवासीय सोसायटियों, बहुमंजिला इमारतों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कॉरपोरेट कार्यालयों के साथ बड़ी संख्या में लोग रहते और काम करते हैं। दिल्ली-एनसीआर से जुड़ाव तथा विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों के कारण यहां सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।

ऐसे क्षेत्र की जिम्मेदारी महिला अधिकारी को सौंपा जाना पुलिस प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित करता है। नई जिम्मेदारी के तहत अपराध नियंत्रण, पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार, महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई और जनता के साथ बेहतर संवाद जैसे विषय महत्वपूर्ण रहेंगे।

हेड कांस्टेबल की बेटी ने हासिल की आईपीएस तक की मंजिल

आईपीएस प्रीति यादव की सफलता की कहानी भी चर्चा में रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उनके पिता मुकेश यादव चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात रहे हैं। पुलिस परिवार से जुड़ाव ने उनके जीवन में अनुशासन और जनसेवा के प्रति रुचि विकसित करने में भूमिका निभाई।

बताया जाता है कि प्रीति यादव ने वर्ष 2019 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की थी। कम उम्र में प्रतिष्ठित परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने की उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जाती है। हालांकि, उनकी परीक्षा में प्राप्त रैंक और चयन से संबंधित विस्तृत तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अलग से किया जाना उचित होगा।

पुलिस और जनता के बीच संवाद पर भी रहा जोर

प्रीति यादव की कार्यशैली से जुड़ी चर्चाओं में पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाने की पहल का भी उल्लेख किया जाता है। पुलिस व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए संवाद, सहयोग और शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नोएडा जोन-1 की नई जिम्मेदारी के साथ उनसे क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा रहेगी। उनकी नियुक्ति के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जोन में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय को लेकर किस तरह की पहल की जाती हैं।

कुल मिलाकर, आईपीएस प्रीति यादव की नई तैनाती नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के प्रशासनिक बदलावों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। उनकी नियुक्ति के साथ नोएडा जोन-1 में नेतृत्व की नई जिम्मेदारी तय हुई है, जबकि महिला अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है।।