बुधवार, 2 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: कुपोषण के खिलाफ सख्ती: SAM-MAM बच्चों की शत-प्रतिशत पहचान और इलाज के निर्देश, आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाएं भी होंगी दुरुस्त!!

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गौतमबुद्धनगर: कुपोषण के खिलाफ सख्ती: SAM-MAM बच्चों की शत-प्रतिशत पहचान और इलाज के निर्देश, आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाएं भी होंगी दुरुस्त!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

जिला पोषण समिति की बैठक में CDO भालचंद्र त्रिपाठी ने योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, NRC में खाली बेड और THR वितरण में लापरवाही पर जताई नाराजगी

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 02 सितंबर 2026।
जिले में कुपोषण की स्थिति में सुधार लाने और बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को पोषण योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति (DNC) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पोषण योजनाओं, बाल विकास कार्यक्रमों और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

बैठक में संभव 6.0 अभियान के तहत जनपद की प्रगति रिपोर्ट एवं रैंकिंग की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने SAMBHAV 6.0 और e-Kavach पर गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित बच्चों की पोषण ट्रैकर और e-Kavach पोर्टल पर समय से फीडिंग कराई जाए तथा एएनएम और सीएचओ के माध्यम से उनके स्वास्थ्य परीक्षण एवं मेडिकल मैनेजमेंट की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

NRC में खाली बेड मिलने पर जताई नाराजगी

बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में बच्चों के रेफरल और बेड ऑक्युपेंसी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अब तक केवल 18 बच्चों के रेफरल और बेड ऑक्युपेंसी रेट कम पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि NRC का कोई भी बेड खाली न रहे और गंभीर कुपोषित बच्चों की लगातार पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाए।

उन्होंने विशेष रूप से 0 से 6 माह के कुपोषित शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

THR वितरण में 74.43 प्रतिशत औसत पर CDO सख्त

टेक-होम राशन (THR) और फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की समीक्षा के दौरान जनपद में FRS के माध्यम से राशन वितरण का औसत 74.43 प्रतिशत पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि टेक-होम राशन प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र एवं वंचित गर्भवती और धात्री महिलाओं तक राशन पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

1,108 आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन की तैयारी

बैठक में हॉट-कुक्ड मील (HCM) योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जनपद में कुल 1,108 आंगनबाड़ी केंद्रों में पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा हुई। इनमें 924 को-लोकेटेड और 184 नॉन-को-लोकेटेड केंद्र शामिल हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने शासन की मंशा के अनुरूप अक्षय पात्र फाउंडेशन अथवा अन्य पात्र स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव जल्द तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।

बिजली-पानी और शौचालय से वंचित आंगनबाड़ी केंद्रों की बदलेगी तस्वीर

सक्षम आंगनबाड़ी (Saksham 2.0) योजना की समीक्षा के दौरान भी बुनियादी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिले में 134 आंगनबाड़ी केंद्र बिजली कनेक्शन से, 193 पाइप पेयजल सुविधा से और 33 केंद्र क्रियाशील शौचालय से वंचित पाए गए। CDO ने संबंधित विभागों को इन सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को 83 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में BALA पेंटिंग, पोषण वाटिका और वर्षा जल संचयन से संबंधित कार्य भी शीघ्र पूरा कराने को कहा गया।

जेवर और दनकौर में मातृ वंदना योजना के पंजीकरण में तेजी के निर्देश

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में जेवर में 34.55 प्रतिशत और दनकौर में 46.82 प्रतिशत पंजीकरण की स्थिति सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ समय से मिले, इसके लिए क्षेत्र स्तर पर व्यापक जागरूकता और पंजीकरण अभियान चलाया जाए।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों की सक्रियता बढ़ाने पर जोर

बैठक में रॉकेट लर्निंग संस्था द्वारा पेरेंट्स आंगनबाड़ी मीटिंग (PAM) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों की अपेक्षाकृत कम सक्रियता पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए दैनिक गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अनिवार्य रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पोषण एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जमीनी स्तर पर इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाएं।।