गुरुवार, 10 सितंबर 2026

मऊ : दो महीने बाद भी नहीं भेजा विसरा,मधुबन पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।||Mau:Viscera not sent even after two months, questions raised about the functioning of Madhuban police.||

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मऊ :
दो महीने बाद भी नहीं भेजा विसरा,मधुबन पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
मृतक के भाई का आरोप—चिकित्सकीय लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक :  मऊ जनपद के थाना मधुबन क्षेत्र
कटघरा शंकर निवासी बलवंत मल्ल की मौत के मामले में मधुबन पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। घटना के दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित रखा गया विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजे जाने का आरोप है। मृतक के भाई ने लगाया है। मामले में मृतक के भाई यशवंत मल्ल ने मुख्यमंत्री समेत पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
विस्तार :
मृतक के भाई यशवंत मल्ल के मुताबिक, गत 10 जुलाई को उनके भाई बलवंत मल्ल को पेट दर्द की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतहपुर मंडाव में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सक ने छह इंजेक्शन लगाए, जबकि सरकारी अभिलेखों में महज दो इंजेक्शन का उल्लेख किया गया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद बलवंत की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मधुबन थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें विसरा सुरक्षित रखा गया था। परिजनों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विसरा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाना जरूरी था।
दो महीने बाद भी विसरा जांच को नहीं भेजा गया।
मृतक के भाई का आरोप है कि घटना के दो महीने से ज्यादा समय गुजरने के बावजूद विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला नहीं भेजा गया है। उनका कहना है कि वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें विसरा भेजे जाने के संबंध में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा रही है।
यशवंत मल्ल ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विसरा भेजने में हो रही देरी से चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार - - मृतक के भाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित संबंधित उच्चाधिकारियों से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विसरा को तत्काल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने, चिकित्सकीय लापरवाही की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीओ बोले—मामला संज्ञान में, जांच के बाद होगी कार्रवाई।
मामले में सीओ मधुबन दिनेश दत्त मिश्र ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है और जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।