सोमवार, 7 सितंबर 2026

लखनऊ :यूपी-बिहार के बीच बस सेवा विस्तार पर बनी सहमति,नए हाईवे पर खुलेंगे नए मार्ग।||Lucknow:An agreement has been reached to expand bus services between Uttar Pradesh and Bihar, with new routes opening on the new highway.||

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लखनऊ :
यूपी-बिहार के बीच बस सेवा विस्तार पर बनी सहमति,नए हाईवे पर खुलेंगे नए मार्ग।
दो टूक : उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच बस परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सोमवार को लखनऊ में दोनों राज्यों के परिवहन मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अंतर्राज्यीय बस सेवाओं के विस्तार, नए मार्गों के निर्धारण, किराये में एकरूपता और दोनों प्रदेशों की सीमावर्ती जनता को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
विस्तार
उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच आवागमन की सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए सोमवार, 7 सितंबर 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने अंतर्राज्यीय बस सेवाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत मंथन किया।
बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतर्राज्यीय परिवहन करार के तहत संचालित 25 मार्गों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने बिहार के विभिन्न जनपदों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के लिए नई बस सेवाएं शुरू किए जाने का प्रस्ताव रखा।
अधिकारियों ने मोटरयानअधिनियम-1988 की धारा 88 के तहत अंतर्राज्यीय मार्गों पर स्टेज कैरिज बसों के संचालन की व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों राज्यों के परिवहन निगम और विभागों के अधिकारियों को प्रस्तावित मार्गों पर आगे की कार्रवाई के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर सहमति बनी।
बिहार सरकार की ओर से अनुरोधित सभी मार्गों का मानचित्र सहित विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही गई। इसके बाद प्रस्तावित मार्गों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी सामने आया कि हाल के वर्षों में दोनों राज्यों में कई नए हाईवे बनाए गए हैं। इन नए मार्गों को बस सेवा से जोड़ने के लिए द्वितीय चरण की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी और नए मार्ग निर्धारित किए जाएंगे।
किराये में एकरूपता पर भी सहमति
दोनों राज्यों की बसों में किराया निर्धारण में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही नए मार्गों का पुनः परीक्षण कर समतुल्य किलोमीटर के आधार पर परिवहन करार किए जाने पर भी विचार हुआ।
बिहार सरकार ने यह आश्वासन दिया कि बिहार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा या असुविधा नहीं होने दी जाएगी। दोनों राज्यों की जनता, खासकर सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश की अपर मुख्य सचिव परिवहन एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद/उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अर्चना अग्रवाल, यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह, परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन, विशेष सचिव के.पी. सिंह, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा सहित दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी मौजूद रहे।