लखनऊ :
नौकरानी पर ढाई लाख रुपये नगदी समेत जेवर और मोबाइल चोरी का आरोप।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना बिजनौर क्षेत्र में एक व्यापारी ने अपनी महिला कर्मचारी समेत तीन लोगों पर कथित तौर पर ढाई लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया है। व्यापारी का आरोप है कि महिला कर्मचारी बाद में उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रुपये की मांग कर रही है। मामले में न्यायालय के आदेश पर थाना बिजनौर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विस्तार :
मूल निवासी गुजरात प्रान्त के बड़ोदरा के रहने वाले ब्यापार नरेन्द्र जायसवाल लोहे की ट्रेडिंग का कारोबार करते हैं। उनका लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित शारदा नगर विस्तार योजना में कार्यालय है।
इनका आरोप है कि अप्रैल 2023 में श्याम प्रजापति के माध्यम से किरन देवी नाम की महिला से उनकी मुलाकात हुई थी। किरन ने नौकरी की इच्छा जताई, जिसके बाद उसे कंपनी में सहायक के पद पर नौकरी दी गई।
शिकायत के अनुसार किरन देवी को शुरुआत में 10 हजार रुपये मासिक वेतन दिया गया। बाद में वेतन बढ़ाकर अप्रैल 2026 तक 30 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। रहने और खाने की व्यवस्था भी कंपनी की ओर से कराई गई थी।
दस लाख रुपये एडवांस मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मार्च 2026 से किरन देवी घर बनवाने और मां की शादी का हवाला देकर 10 लाख रुपये एडवांस मांग रही थी। व्यापारी ने इतनी बड़ी रकम एडवांस देने से इनकार कर दिया और उसे नौकरी जारी रखने या हिसाब लेकर नौकरी छोड़ने की बात कही।
बिना बताए कार्यालय से सामान लेकर जाने का आरोप।
आरोप है कि 2 मई 2026 को किरन देवी अपने परिचित अजीत को बुलाकर शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में लखनऊ स्थित कार्यालय से 2.50 लाख रुपये नकद, जरूरी दस्तावेज, एक आईफोन, एक सैमसंग मोबाइल, करीब 30 ग्राम सोने की चेन और पन्ना-पुखराज लगी दो सोने की अंगूठियां लेकर चली गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने किरन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। बाद में उसकी सहेली के पति बृजेश ने फोन उठाया और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए फोन काट दिया।
समझौते के बाद फिर धमकी देने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि बाद में किरन देवी की ओर से भी पुलिस में शिकायत की गई थी। इसके बाद बस्ती में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा हुआ। व्यापारी का दावा है कि सुलहनामे में किरन देवी ने पूर्व में दी गई शिकायत को वेतन और पैसों से जुड़ा विवाद बताते हुए आगे कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद फिर से उससे रुपये की मांग की जाने लगी। रुपये देने से इनकार करने पर किरन देवी ने कथित तौर पर झूठे हरिजन एक्ट के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी आरोप।
पीडित ब्यापारी नरेन्द्र जायसवाल के अनुसार उन्होंने 2 मई को थाना बिजनौर में चोरी की घटना को लेकर शिकायत दी थी। इसके बाद 25 जुलाई को दोबारा प्रार्थना-पत्र दिया गया और 31 जुलाई को पुलिस आयुक्त लखनऊ को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना-पत्र में विपक्षी किरन देवी, अजीत और बृजेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई। मामले में न्यायालय के निर्देश के बाद स्थानीय पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
