मंगलवार, 8 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: फिजियोथेरेपी स्वस्थ जीवन की जरूरत, इसे केवल दिव्यांगजनों तक सीमित न समझें: बीएल वर्मा

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गौतमबुद्धनगर: फिजियोथेरेपी स्वस्थ जीवन की जरूरत, इसे केवल दिव्यांगजनों तक सीमित न समझें: बीएल वर्मा

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन में भव्य कार्यक्रम, केंद्रीय राज्य मंत्री ने डॉ. महिपाल सिंह के सेवा कार्यों की जमकर की सराहना

दो टूक//नोएडा। आधुनिक जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण कमर, गर्दन, कंधे और घुटनों के दर्द के साथ सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं स्ट्रोक, लकवा और हृदय रोग के बाद मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने में फिजियोथेरेपी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे में फिजियोथेरेपी अब केवल इलाज का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली का अहम हिस्सा बनती जा रही है।

यह बात केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर सेक्टर-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी को केवल दिव्यांगजनों के उपचार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। प्रत्येक उम्र के व्यक्ति के लिए नियमित व्यायाम, सही शारीरिक गतिविधि और आवश्यकता पड़ने पर फिजियोथेरेपी बेहद उपयोगी है। समय रहते ध्यान दिया जाए तो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि चोट, फ्रैक्चर अथवा ऑपरेशन के बाद शरीर की सामान्य कार्यक्षमता वापस लाने में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्ट्रोक और हृदय रोग के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया में भी विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट मरीज की रिकवरी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

इस अवसर पर फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. महिपाल सिंह ने फाउंडेशन की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर नोएडा सहित जौनपुर, देहरादून और प्रयागराज में 7 एवं 8 सितंबर को दो दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जौनपुर में स्नेह राजेश ट्रस्ट, देहरादून में विंसम स्टेप्स और प्रयागराज में गायत्री पुनर्वास केंद्र के सहयोग से आयोजित इन शिविरों में कुल 263 मरीजों को निःशुल्क परामर्श दिया गया।

इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘स्ट्रोक एवं हृदय रोगों की रोकथाम, प्रबंधन एवं पुनर्वास’ रखी गई। शिविर के माध्यम से लोगों को न केवल बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि बीमारी के बाद बेहतर एवं सुरक्षित रिकवरी के लिए आवश्यक सावधानियों और पुनर्वास प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. महिपाल सिंह ने वर्क रिलेटेड डिसऑर्डर्स पर जानकारी दी, जबकि डॉ. दीक्षा ने न्यूरो एवं स्ट्रोक पुनर्वास के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. सुष्मिता भाटी ने महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर जागरूक किया। वहीं डॉ. प्रीति ने सीपीआर के माध्यम से आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक की जानकारी दी। फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों को एरोबिक एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग का प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कवि शंभू शिखर ने डॉ. महिपाल सिंह को सम्मानित किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए दवाओं के साथ-साथ सही व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और आवश्यकता के अनुसार फिजियोथेरेपी को भी महत्व देना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ की सलाह और नियमित पुनर्वास से मरीज की कार्यक्षमता में सुधार के साथ उसके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया जा सकता है।

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को यही संदेश दिया कि फिजियोथेरेपी बीमारी के बाद की प्रक्रिया भर नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।।