गोण्डा- रसायन विज्ञान विभाग, श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोण्डा द्वारा “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन आज कक्ष संख्या 5 (विज्ञान परिसर) में किया गया। कार्यक्रम में 198 विद्यार्थियों सहित कुल 213 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्यमित्र मिश्र के स्वागत उद्बोधन से हुआ। विभाग की ओर से डॉ. रवि प्रकाश ओझा एवं डॉ. पुनीत कुमार ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंटकर स्वागत किया। उनके सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. डीके शुक्ला ने नशे के दुष्प्रभावों तथा युवाओं के जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य पर इसके प्रतिकूल प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. पीके सिंह ने आत्म-अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच को नशामुक्त जीवन का आधार बताया, जबकि डॉ. परवेज आलम ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. एके शर्मा, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के प्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ नशे की समस्या एवं उसके दुष्प्रभावों को लेकर संवाद किया तथा नशे से दूर रहने के लिए उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर को 100% नशामुक्त बनाए रखने का संकल्प एवं आश्वासन व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।
डॉ. मनीष शर्मा ने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आरके पाण्डे के विचार एवं संदेश को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए स्वस्थ, अनुशासित एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा महाविद्यालय परिसर को पूर्णतः नशामुक्त बनाए रखने के संकल्प को दोहराया।
संगोष्ठी के दौरान सभी उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन न करने तथा नशे से सदैव दूर रहने की सामूहिक शपथ ली गई। शपथ का आयोजन डॉ. परवेज आलम द्वारा किया गया। सामूहिक रूप से ली गई इस शपथ ने कार्यक्रम के उद्देश्य को और अधिक प्रभावी बनाया तथा विद्यार्थियों में नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति जिम्मेदारी एवं जागरूकता की भावना को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में प्रो. संजय पाण्डेय एवं डॉ. शिशिर त्रिपाठी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा की। साथ ही डॉ. अंकित मौर्य, डॉ. घनश्याम द्विवेदी एवं डॉ. डीपी सिंह की भी कार्यक्रम में उपस्थिति रही। अतिथि शिक्षक गणेशधर द्विवेदी, वीके यादव एवं एसके तिवारी तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी एनके शुक्ल, शोभाराम एवं श्रीमती आशा सोनी की भी कार्यक्रम में सक्रिय उपस्थिति एवं सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. एमके मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के सफल समापन के पश्चात रसायन विज्ञान विभाग के कार्यालय में विभाग की ओर से अतिथियों, शिक्षकगण एवं उपस्थित सहयोगियों के लिए हाई-टी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी ने आपसी सौहार्द एवं आत्मीय वातावरण में जलपान किया तथा कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
संगोष्ठी ने विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता, आत्म-अनुशासन तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत किया। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर ही स्वस्थ समाज एवं विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है।।
