गौतमबुद्धनगर: सरकारी खरीद और नए बाजारों से जुड़ेंगे गौतमबुद्धनगर के एमएसएमई उद्यमी, आईआईएलएम में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन!!
जिलाधिकारी ने किया पीएमएस योजना पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ, 150 से अधिक उद्यमियों ने लिया हिस्सा; बोले- बड़ा सपना देखें उद्यमी, निर्यात बढ़ाने के साथ रोजगार सृजन में भी दें योगदान
दो टूक//ग्रेटर नोएडा, 9 सितंबर। गौतमबुद्धनगर के एमएसएमई उद्यमियों को सरकारी खरीद, विपणन, निर्यात और नए बाजारों से जोड़ने की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) की पहल पर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ), ओखला तथा आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में ‘वन डे नेशनल वर्कशॉप ऑन प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट (पीएमएस) स्कीम’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के 150 से अधिक उद्यमियों ने भाग लेकर सरकारी योजनाओं और बाजार से जुड़े अवसरों की जानकारी हासिल की।
आईआईएलएम विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संस्थानों के अधिकारियों ने उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया, जीईएम पोर्टल, विक्रेता पंजीकरण, विपणन सहायता और निर्यात से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार सृजन पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गौतमबुद्धनगर औद्योगिक विकास, परिधान उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश के क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करने तथा जिले में नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं को मिलना चाहिए। नए उद्योग स्थापित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
जिलाधिकारी ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अपने कारोबार को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रखें, बल्कि बड़ा सपना देखें और अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ उद्यमी अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं उद्यमियों और सरकारी तंत्र के बीच संवाद का बेहतर माध्यम बनती हैं। इनके जरिए एमएसएमई उद्यमियों को सरकारी खरीद, विपणन सहायता, निर्यात संवर्धन और नए बाजारों से जुड़ने के अवसरों की जानकारी मिलती है।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों को अपने उद्योग के विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी निर्वहन करना चाहिए। उद्योगों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना और समाज को वापस देने की भावना भी उद्यमिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जिलाधिकारी ने उद्योग हित में लगातार कार्य करने के लिए इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आईबीए उद्योग जगत और सरकार के बीच प्रभावी सेतु के रूप में काम कर रही है। ऐसे संयुक्त प्रयासों से एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा मिलने के साथ उद्यमियों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जीईएम पोर्टल से लेकर निर्यात तक दी गई जानकारी
कार्यशाला में एमएसएमई मंत्रालय की ओर से डॉ. आर.के. भारती, स्टेट डायरेक्टर सुनील कुमार, डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई-डीएफओ ओखला तथा डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई ओ.पी. सिंह सहित विभिन्न विशेषज्ञ अधिकारियों ने उद्यमियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने सरकारी खरीद प्रक्रिया, जीईएम पोर्टल, प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट (पीएमएस) योजना, विक्रेता विकास, निर्यात संवर्धन और बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उद्यमियों को सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों में विक्रेता के रूप में पंजीकरण कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
इसके अलावा डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, निर्यात के अवसर और एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी उद्यमियों को जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि सरकारी योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल कर छोटे और मध्यम उद्योग अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर सकते हैं।
उद्योग और सरकार के बीच मजबूत संवाद की पहल
कार्यक्रम में आईआईएलएम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) नील राय, प्रो वाइस चांसलर राजे मोहन, सीनियर मैनेजर राजकुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे।
वहीं इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष नरेश चौहान, राजेश खन्ना, सुधीर त्यागी तथा कार्यकारिणी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में उद्यमियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में शामिल उद्यमियों ने इसे उद्योग जगत के लिए उपयोगी पहल बताया। उनका कहना था कि सरकारी खरीद और विपणन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मिलने से एमएसएमई इकाइयों को नए ग्राहकों और बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी आईबीए, एमएसएमई मंत्रालय और आईआईएलएम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।।
