।। सिद्धेश्वर पाण्डेय।।
दो टूक ,आजमगढ़। फूलपुर तहसील के निकट स्थित ZFM कार्यालय पर शनिवार रात 12 सितंबर को गैर तरही मुशायरे की शानदार महफिल सजी। अदब, शायरी और साहित्य से सराबोर इस आयोजन में फूलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश कर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
कार्यक्रम का आगाज साकिब जमाल ने तिलावत-ए-कलामुल्लाह से किया। मुशायरे की सदारत मैकश अंजुमी ने की, जबकि निजामत नसीम साज ने अपने खास अंदाज में की।
ZFM Foundation के संस्थापक जीशान अहमद खान ने फाउंडेशन की सामाजिक और अदबी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य अदब को फरोग देने के साथ समाज के दबे-कुचले तबकों तक तालीम पहुंचाना, जरूरतमंद बीमारों को दवा उपलब्ध कराना और मीडिया के माध्यम से आम लोगों की आवाज को सामने लाना है।
मुख्य अतिथि मास्टर शमीम अहमद इस्लाही ने कहा कि उर्दू अदब की खिदमत के लिए होने वाले छोटे-छोटे मुशायरों की अपनी अहमियत है। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने का मंच देते हैं। उर्दू अदब को आगे बढ़ाने में शायरों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुशायरे में मैकश अंजुमी, डॉ. शफीक आजमी, सुहैल अख्तर सिकरौरी, मुख्तार आलम आजमी, डॉ. रिजवान महजबी, तस्कीन आजमी, नसीम साज, अनवर इस्लाही, रफीक फूलपुरी, आजम भादवी, साकिब जमाल, असलम इस्लाही, अबू साद आजमी, अबू शहमा शीराजी, अहमद परवाज, निहाल मचला और अनजर आजमी सहित शायरों ने अपने कलाम पेश किए। श्रोताओं ने तालियों से शायरों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहम्मद राशिद, हिसामुद्दीन, फारूक, एहसान, हैदर अली, आफताब आलम, सभासद इफ्तिखार अहमद, आकिब अंसारी, मुनाफ, अरमान, अब्दुल्ला और हमजा सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समापन पर ZFM के संगठन प्रभारी रफीक फूलपुरी ने सभी शायरों, अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अदब और साहित्य से जुड़े आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का काम करते हैं।
