गौतमबुद्धनगर: मथुरापुर के प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास से लेकर मिड-डे मील तक व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त, जिलाधिकारी ने की शिक्षकों की सराहना!!
बच्चों से सुने पहाड़े और गिनती, कक्षाओं में पहुंचकर परखी पढ़ाई की गुणवत्ता; छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के दिए निर्देश
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 7 सितंबर 2026। ब्लॉक दादरी के प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर में सोमवार को उस समय शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई, जब जिलाधिकारी ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, खेलकूद, मिड-डे मील, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाएं संतोषजनक और सुदृढ़ मिलने पर जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के कार्यों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षक उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी लेते हुए प्रधानाचार्य को छात्रों की उपस्थिति में और वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति उनकी शैक्षिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इस दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं।
बच्चों से सीधे संवाद कर परखी शैक्षिक गुणवत्ता
जिलाधिकारी ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई-लिखाई एवं शैक्षिक प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से गिनती तथा 15 से 20 तक के पहाड़े सुने। विद्यार्थियों ने सहजता से पहाड़े सुनाए, जिससे जिलाधिकारी ने बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन किया।
उन्होंने अलग-अलग कक्षाओं में विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे और शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता भी परखी। निरीक्षण के दौरान शिक्षण व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को लगातार बेहतर बनाने पर जोर दिया।
स्मार्ट क्लास के साथ पारंपरिक शिक्षण पर भी जोर
विद्यालय में संचालित स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का भी जिलाधिकारी ने अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट क्लास और स्क्रीन का उपयोग केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि विषय की आवश्यकता और विद्यार्थियों की बेहतर समझ के लिए इसका प्रभावी उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के साथ व्हाइट बोर्ड एवं अन्य पारंपरिक शिक्षण विधियों का भी संतुलित तरीके से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को विषयों को समझने में आसानी हो और शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
पढ़ाई के साथ खेलकूद को भी बताया जरूरी
जिलाधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित खेलकूद एवं अन्य स्पोर्ट्स गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद भी बेहद आवश्यक है। खेल गतिविधियां बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके मानसिक विकास, अनुशासन और टीम भावना को भी मजबूत करती हैं।
विद्यालय में विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप नियमित रूप से खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां संचालित किए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
कक्षाओं में शैक्षिक सामग्री व्यवस्थित मिलने पर जताई प्रसन्नता
जिलाधिकारी ने विद्यालय की सभी कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए वहां रखी अलमारियों में मौजूद शैक्षिक एवं अन्य सामग्री का भी अवलोकन किया। सभी सामग्री निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित मिली। इस पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए व्यवस्थाओं को इसी तरह बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर रखरखाव और उनका प्रभावी उपयोग बच्चों की शिक्षा को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मिड-डे मील व्यवस्था का भी जायजा लिया और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई पर नियमित रूप से विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने विद्यालय के शौचालय, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश एवं वेंटिलेशन, कक्षाओं, कार्यालय तथा पूरे विद्यालय परिसर की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया। परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और व्यवस्थाओं को इसी स्तर पर बनाए रखने के निर्देश दिए।
‘मौजूदा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर रहे फोकस’
जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास, खेल गतिविधियों, मिड-डे मील, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में वर्तमान में जो बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, उन्हें लगातार प्रभावी और सुदृढ़ बनाए रखा जाए।
उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने तथा बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार, प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।।
