।। सिद्धेश्वर पांडेय ।।
दो टूक ,आजमगढ़। मेहनत, संघर्ष और मजबूत इरादों के बल पर मंजिल हासिल करने वाली अनीता यादव ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। फूलपुर तहसील क्षेत्र के विशेखा गांव निवासी अनीता यादव पत्नी शिव प्रकाश यादव ने गृह विज्ञान विषय में प्रशिक्षित स्नातक परीक्षा (टीजीटी) 2022 में सफलता हासिल कर गांव में पहली बार 2026 मे शिक्षिका बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव में हर्ष का माहौल है। अनिता यादव की पोस्टिंग श्री नरोत्तम ब्रम्ह इंटर कालेज ,सुंदरपुर ,आजमगढ़ में शिक्षिका के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है ।
मार्टिनगंज में जन्मीं और पली-बढ़ीं अनीता बचपन से ही मेधावी और संघर्षशील रही हैं। वर्ष 2009 में शादी के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। पति शिव प्रकाश यादव एक निजी विद्यालय में शिक्षक हैं। सीमित आय और अभावों के बावजूद दंपती ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। अनीता का सपना शिक्षक बनने का था और उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया।
वर्ष 2016 से अनीता पति के साथ घर से बाहर रहकर निजी विद्यालय में शिक्षण कार्य भी करती रहीं। कोरोना काल में वर्ष 2020 में उन्होंने शिक्षण कार्य से विराम लेकर अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। पति की सीमित आय के बीच दोनों ने संघर्ष करते हुए अनीता के सपने को आगे बढ़ाया।
शिक्षा की रोशनी से बदल रही गांव की पहचान
विशेखा गांव लंबे समय तक शिक्षा और विकास के मामले में पिछड़ा माना जाता रहा है। कभी नशा और गुंडागर्दी जैसी बुराइयों के कारण चर्चा में रहने वाला यह गांव अब धीरे-धीरे शिक्षा की ओर बढ़ रहा है। अनीता की सफलता ने गांव के बच्चों और युवाओं के सामने नई मिसाल पेश की है।
अनीता अपनी सफलता का श्रेय पति शिव प्रकाश यादव के साथ सास-ससुर, जेठ-जेठानी, माता-पिता और भाई के सहयोग को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार के भरोसे और सहयोग ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत दी।
अनीता की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को छोड़ देती हैं। उन्होंने साबित किया कि मजबूत इरादा और निरंतर मेहनत हो तो अभाव भी मंजिल की राह नहीं रोक सकते।
