सोमवार, 7 सितंबर 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा के सेक्टर-99 में गंदे पानी की सप्लाई से हड़कंप, LIG फ्लैटों में पानी के साथ निकल रहे कीड़े और गंदगी!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा के सेक्टर-99 में गंदे पानी की सप्लाई से हड़कंप, LIG फ्लैटों में पानी के साथ निकल रहे कीड़े और गंदगी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

RWA ने नोएडा प्राधिकरण से कई बार की शिकायत, साफ पानी की मांग के बावजूद समस्या जस की तस; दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा

दो टूक//नोएडा। शहर के सेक्टर-99 स्थित LIG फ्लैटों में सप्लाई के पानी में कीड़े और गंदगी आने का मामला सामने आने से निवासियों में नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि जिस पानी का इस्तेमाल वे पीने, खाना बनाने और रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के लिए करते हैं, उसी पानी में गंदगी और कीड़े दिखाई दे रहे हैं। इससे स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है और वे साफ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय RWA अध्यक्ष नरोत्तम शर्मा के अनुसार, पानी की इस गंभीर समस्या को लेकर नोएडा प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों से लगातार शिकायत की जा रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी सप्लाई के पानी की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं आया है।

पानी की गुणवत्ता पर उठे सवाल

सप्लाई के पानी में कीड़े और गंदगी आने की शिकायत ने पानी की गुणवत्ता और पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पानी की सप्लाई व्यवस्था में कहीं से गंदगी या दूषित पानी मिल रहा है, तो इसकी तत्काल जांच कर कारण का पता लगाया जाना जरूरी है। खासकर उन परिवारों के लिए यह चिंता का विषय है, जिनके पास फिलहाल सप्लाई के पानी के अलावा कोई दूसरा नियमित विकल्प नहीं है।

निवासियों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। दूषित पानी के इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में संबंधित विभाग को केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहकर मौके पर निरीक्षण कर समस्या की वास्तविक वजह तलाशनी चाहिए।

RWA ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

RWA अध्यक्ष नरोत्तम शर्मा ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए सेक्टर-99 LIG फ्लैटों में सप्लाई किए जा रहे पानी के नमूने लेकर उसकी प्रयोगशाला जांच कराई जाए। साथ ही पानी की पाइपलाइन, टंकी और सप्लाई व्यवस्था का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर गंदगी पानी में न मिल रही हो।

अब सवाल यह है कि जब निवासी पीने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए प्राधिकरण की सप्लाई व्यवस्था पर निर्भर हैं, तो आखिर गंदे और कीड़ेयुक्त पानी की सप्लाई पर रोक कब लगेगी? लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

निवासियों की मांग है कि नोएडा प्राधिकरण इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करे, पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल सके।