गौतमबुद्धनगर: चार साल की फरारी का हुआ अंत, 25 हजार का इनामी गैंगस्टर सुरेश सेक्टर-126 पुलिस के हत्थे चढ़ा!!
गैंग लीडर संजय पहाड़िया के संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था आरोपी, पहचान छिपाकर लगातार बदल रहा था ठिकाने
दो टूक//नोएडा। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सेक्टर-126 नोएडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने वर्ष 2022 से लगातार फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर एक्ट के वांछित अभियुक्त सुरेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले चार साल से अधिक समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुरेश के खिलाफ थाना सेक्टर-20 नोएडा में मु0अ0सं0-0292/2022, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इस मामले में वह वर्ष 2022 से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस के सामने आरोपी को पकड़ना चुनौती बना हुआ था।
मैनुअल इंटेलिजेंस और सर्विलांस से मिली सफलता
थाना सेक्टर-126 पुलिस टीम आरोपी की तलाश में लगातार उसके संभावित ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही थी। पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस, गोपनीय सूचना तंत्र और सर्विलांस के माध्यम से आरोपी के संबंध में लगातार सुराग जुटाए। इसी दौरान पुलिस टीम को उसके संभावित ठिकाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 9 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:38 बजे औखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे फुटओवर ब्रिज, कालिंदी कुंज रोड के पास से सुरेश को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुरेश पुत्र राम मनोहर, निवासी ग्राम देवमई, थाना बकेवर, जिला फतेहपुर, उत्तर प्रदेश, हाल पता बड़ा गुरुद्वारा के पास जैतपुर, दिल्ली, उम्र 52 वर्ष के रूप में हुई है।
संजय पहाड़िया गिरोह का सक्रिय सदस्य था सुरेश
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी सुरेश गैंग लीडर संजय पहाड़िया के संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। वह गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य पहले रेकी कर ऐसे मकानों और प्रतिष्ठानों को चिन्हित करते थे, जहां चोरी करना आसान हो। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता था।
वारदात के दौरान मकान या प्रतिष्ठान में प्रवेश करने तथा ताले आदि तोड़ने के लिए गिरोह के सदस्य ड्रिल मशीन, लोहे की छैनी, पेचकस, हथौड़ी और लोहे की आरी मय ब्लेड जैसे औजार अपने पास रखते थे। चोरी की घटनाओं में गिरोह द्वारा एक्सयूवी-500 वाहन संख्या RJ-11-CA-0610 का भी इस्तेमाल किया जाता था।
चोरी किए गए सामान को बाद में बेचकर प्राप्त धनराशि को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुरेश के कब्जे से पूर्व में चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त नकदी, चोरी का सामान और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया जा चुका है।
चोरी और हथियार समेत कई मामलों में दर्ज है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ थाना सेक्टर-20 नोएडा और थाना फेस-3 में चोरी, आयुध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2025 तक कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें थाना सेक्टर-20 नोएडा में चोरी और आयुध अधिनियम से संबंधित कई मुकदमे शामिल हैं, जबकि थाना फेस-3 में भी वर्ष 2025 के दौरान चोरी, आबकारी अधिनियम और आयुध अधिनियम से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा वर्ष 2022 में दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी लगातार फरार चल रहा था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
थाना प्रभारी सुमनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम की अहम भूमिका
लंबे समय से फरार और इनामी आरोपी की गिरफ्तारी में थाना सेक्टर-126 प्रभारी सुमनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम की सक्रियता और लगातार किए गए प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में मैनुअल इंटेलिजेंस, गोपनीय सूचना तंत्र और सर्विलांस के जरिए उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखी।
लगातार प्रयासों के बाद मिली पुख्ता सूचना पर पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर आरोपी को कालिंदी कुंज रोड के पास गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी सुमनेश कुमार, उपनिरीक्षक सुभाष चन्द, उपनिरीक्षक भानूप्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अशोक कुमार गौतम, हेड कांस्टेबल अनुज चौधरी तथा कांस्टेबल आशकिरण, पुष्पेन्द्र, अक्षय कुमार, मोनू, कुलदीप कुमार और अश्वनी कुमार शामिल रहे।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा उसे नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।।
